Wednesday, January 14

भ्रामक वीडियो से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास ‘भोले बाबा छोले-भटूरे’ को गलत तरीके से आरिफ की दुकान बताने पर आगरा में 10 पर FIR

 

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आगरा में सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वायरल वीडियो में एक दुकान को ‘भोले बाबा छोले-भटूरे’ बताकर उसे आरिफ नामक व्यक्ति की दुकान के रूप में गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया था।

 

मामले में थाना छत्ता के उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, उक्त वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित किया गया, जिससे धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की आशंका उत्पन्न हुई।

 

 

जांच में सामने आया सच

 

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि जिस दुकान को वीडियो में आरिफ की बताकर प्रचारित किया गया, वह वास्तव में बेलनगंज के रानी वाले घेरे में रहने वाले विजय शुक्ला की है, जो ‘बाबा छोले भटूरे’ के नाम से प्रतिष्ठान संचालित करते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वायरल किया गया वीडियो कई माह पुराना है।

 

विजय शुक्ला ने पुलिस को बताया कि आरिफ पिछले 15 वर्षों से उनकी दुकान पर कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। कुछ महीने पहले कालिंदी विहार निवासी सचिन सिंह से छोले-भटूरे के भुगतान को लेकर विवाद हुआ था, उसी दौरान एक वीडियो बनाया गया था। अब उसी पुराने वीडियो को तोड़-मरोड़ कर नए संदर्भ में पेश किया गया और सोशल मीडिया पर साझा कर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

 

 

पत्रकार और सोशल मीडिया जर्नलिस्ट भी नामजद

 

पुलिस ने वीडियो को प्रसारित करने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में अंकुर अग्रवाल (पत्रकार), शिवम दीक्षित, सचिन गुप्ता, गोल्डी श्रीवास्तव, सचिन सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें कुछ आरोपी सोशल मीडिया जर्नलिस्ट बताए जा रहे हैं।

 

 

पुलिस का सख्त संदेश

 

आगरा पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने, तथ्य तोड़-मरोड़ कर पेश करने तथा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

 

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