
अलवर (राजगढ़)। राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 ने एक ‘जल चमत्कार’ कर दिखाया है। GIS तकनीक और एनिकटों के माध्यम से भूजल स्तर में रिकॉर्ड सुधार हुआ है। जो कुएं पिछले 20 साल से सूखे पड़े थे, वे अब लबालब भरकर बहने लगे हैं। किसानों का कहना है कि अब मात्र 10 फीट की छोटी रस्सी से भी पानी निकाला जा सकता है।
राजगढ़ के 60 से अधिक गांवों में भूजल स्तर में इतनी बढ़ोतरी हुई कि 70 फीट गहरे कुएं भी इस बार ओवरफ्लो हो गए। किसान राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया, “कुआं इतना भरा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए लोहे का जाल लगाना पड़ा।” अब गांव के हर घर में पानी की परेशानी दूर हो गई है और खेतों में लहलहाती फसलें नजर आने लगी हैं।
भूजल सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्री-मानसून 2024 में भूजल स्तर 39.26 मीटर नीचे था, जबकि पोस्ट-मानसून 2024 में यह सुधारकर 18.87 मीटर तक पहुंच गया। कुल सुधार मात्र एक सीजन में 20.39 मीटर का रिकॉर्ड है।
अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह मोथू के मुताबिक, इस उपलब्धि के लिए 5,032 हेक्टेयर क्षेत्र की सटीक GIS प्लानिंग की गई। इसके तहत 25 एनिकट और पक्का चेकडैम बनाए गए, 17 परकोलेशन टैंक और 6 अमृत सरोवर तैयार किए गए, और सैंकड़ों रिचार्ज शॉफ्ट व फील्ड बडिंग के जरिए बारिश का पानी जमीन में रिचार्ज किया गया।
किसान गिर्राज शर्मा कहते हैं, “जहाँ पहले पीने के पानी के लिए तरसना पड़ता था, अब 50 बीघा जमीन पर सिंचाई हो रही है।” राजगढ़ अब पूरे अलवर जिले में भूजल रिचार्ज के मामले में नंबर-1 बन चुका है और स्थानीय किसानों की खुशहाली लौट आई है।