
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बीच भारतीय टीम में आयुष बदोनी को शामिल किया गया, जिससे टीम प्रबंधन पर सवाल उठने लगे। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना था कि इस जगह के लिए रियान पराग या रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी बेहतर विकल्प थे।
हालांकि, टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इस फैसले की वजह स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन सुंदर की चोट के कारण टीम को एक छठा गेंदबाजी विकल्प जोड़ना पड़ा, और इस स्थिति में आयुष बदोनी को टीम में जगह दी गई। कोटक ने कहा, “हर टीम चाहता है कि जरूरत पड़ने पर कोई खिलाड़ी चार–पांच ओवर गेंदबाजी कर सके। बदोनी इंडिया ए और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और वह उपयोगी दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज भी हैं। इसलिए वह वाशिंगटन की जगह लेने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं।”
आयुष बदोनी का करियर
बदोनी ने अब तक 27 लिस्ट ए मैचों में 693 रन बनाए हैं, उनका औसत 36.47 और स्ट्राइक रेट 93 से ऊपर रहा है। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 18 विकेट लिए हैं, उनका औसत 29.72 और इकॉनमी रेट 4.54 रहा है।
पिछले साल भारत में दक्षिण अफ्रीका ए और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेले गए मैचों में भी बदोनी ने अपनी प्रतिभा दिखाई। दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि ऑस्ट्रेलिया ए के दौरे पर उन्होंने तीन विकेट लिए और पारी में 21 रन बनाए।
कोच का संदेश
कोटक ने कहा, “बदोनी खेल रहे हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम के लिए संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे। उन्हें शुभकामनाएं।”
इस चयन से साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन किसी भी स्थिति में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का संतुलन बनाए रखने पर जोर दे रहा है, और आयुष बदोनी जैसे ऑलराउंडर खिलाड़ियों को मौके देने में विश्वास करता है।