
नई दिल्ली: सरकार ने नैशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित और निश्चित पेंशन की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने इसके लिए एक हाई–लेवल कमिटी को दिशानिर्देश और नियम तय करने का जिम्मा सौंपा है।
इस 15 सदस्यीय समिति की कमान पूर्व इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड चेयरमैन डॉ. एम. एस. साहू को सौंपी गई है। समिति का उद्देश्य NPS सब्सक्राइबर्स के लिए रिटायरमेंट के समय नियमित और भरोसेमंद पेआउट सुनिश्चित करना है।
कमिटी का दायरा और जिम्मेदारी
समिति एश्योर्ड पेमेंट का फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए निम्न बिंदुओं पर सुझाव देगी:
- लॉक-इन पीरियड और विदड्रॉल लिमिट
- प्राइसिंग मैकेनिज्म और फी स्ट्रक्चर
- मार्केट आधारित गारंटीज और कानूनी रूप से लागू सेटलमेंट कॉन्सेप्ट्स
- पेआउट फेज में आसानी से ट्रांजिशन के उपाय
- टैक्स नियम और मिस-सेलिंग रोकने के मानक
PFRDA चेयरपर्सन एस. रामन ने कहा कि भविष्य में NPS के नियमों में ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग नियमित पेंशन का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि पेंशन को केवल सरकारी लाभ के रूप में नहीं, बल्कि वेल्थ क्रिएशन के साधन के तौर पर देखा जाना चाहिए।
पेंशनबाजार से होगी सुविधा
PFRDA ने ‘पेंशनबाजार’ की शुरुआत भी की है। यह प्लेटफॉर्म NPS और रिटायरमेंट से जुड़े सभी समाधान एक ही जगह उपलब्ध कराएगा। ‘पेंशनबाजार’ चलाने वाली कंपनी PB Fintech के चेयरमैन यशीष दहिया का कहना है कि यह मंच लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन को बढ़ावा देगा और लोगों को समय पर सही निवेश विकल्प चुनने में मदद करेगा।
सरकार का यह कदम NPS सब्सक्राइबर्स को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।