
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के बाद राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेषकर ‘प्रगति यात्रा’ और ‘सात निश्चय’ के जमीनी क्रियान्वयन का मूल्यांकन करना है। यात्रा के कई चरण होंगे और इसमें तिरहुत प्रमंडल को विशेष महत्व दिया गया है।
तिरहुत प्रमंडल बिहार का ऐतिहासिक और प्रशासनिक केंद्र है, जिसमें छह जिले शामिल हैं: मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली। यहाँ कुल 49 विधानसभा सीटें हैं।
मुजफ्फरपुर: 11 सीटें
पूर्वी चंपारण: 12 सीटें
पश्चिम चंपारण: 9 सीटें
सीतामढ़ी: 8 सीटें
शिवहर: 1 सीट
वैशाली: 8 सीटें
पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में तिरहुत मंडल NDA के लिए सबसे बड़ा किला साबित हुआ। जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विपक्ष को लगभग हर जिले में परास्त किया।
सीतामढ़ी: सभी 8 सीटों पर NDA की जीत
शिवहर: 1 सीट पर NDA की जीत
मुजफ्फरपुर: 11 में 10 सीटें NDA के खाते में, केवल पारू सीट बागी उम्मीदवार के कारण हाथ से गई
पूर्वी चंपारण: 12 में 11 सीटें NDA के लिए
पश्चिम चंपारण: 9 में 8 सीटें NDA के लिए
वैशाली: 8 में 7 सीटें NDA के खाते में, केवल राघोपुर सीट पर विपक्ष का कब्जा
कुल मिलाकर तिरहुत मंडल की 49 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें NDA ने जीती, जो ऐतिहासिक जीत के रूप में दर्ज हुई। जनता ने नीतीश कुमार को भरोसा और समर्थन का तोहफा दिया।
अब सवाल यह है कि नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा में तिरहुत मंडल में पहुँचकर जनता को क्या ‘रिटर्न गिफ्ट’ देंगे। विकास और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की निगरानी के बाद राज्य सरकार की ओर से जनता को मिलने वाली सौगातों पर सभी की नजरें हैं।