
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवा पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। हाल ही में यह खबर सामने आई है कि ईरानी सरकार ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के सिग्नलों को भी जाम कर दिया है। टेक विशेषज्ञों के अनुसार यह पहली बार है जब स्टारलिंक नेटवर्क में इस प्रकार का आउटेज देखा गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने ‘किल स्विच’ तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक का सामान्य उपयोग मिलिट्री में किया जाता है और माना जा रहा है कि ईरान के पास यह तकनीक स्वयं नहीं थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि संभवतः इसे रूस या चीन से मदद लेकर ईरान में लागू किया गया।
क्या है मामला?
8 जनवरी को ईरान में इंटरनेट बंद कर दिया गया था। इसके बाद जनता ने वैकल्पिक रूप से स्टारलिंक का इस्तेमाल शुरू किया। हालांकि, वीपीएन जैसी अन्य सेवाएं भी बंद पड़ीं। क्लाउडफ्लेयर रडार ने बताया कि ईरान में इंटरनेट ट्रैफिक लगभग शून्य हो गया था, जो पूर्ण शटडाउन का संकेत देता है।
मियान ग्रुप के अमीर रशीदी के अनुसार, देश में ग्लोबल इंटरनेट तक पहुंच लगभग ठप हो गई और इंटरनेशनल कॉल्स पर भी असर पड़ा। उन्होंने कहा, “हमने युद्ध के दौरान भी ऐसी स्थिति नहीं देखी।”
स्टारलिंक पर प्रभाव
ईरान वायर की रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट पर भी असर पड़ा। शुरुआत में करीब 30% अपलिंक और डाउनलिंक ट्रैफिक प्रभावित हुआ, जो अब 80% तक पहुँच गया है।
किल स्विच का प्रयोग
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान सरकार ने मिलिट्री-ग्रेड जैमिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया, जिन्हें ‘किल स्विच’ कहा गया। इन उपकरणों के जरिए स्टारलिंक के सैटेलाइट सिग्नलों को जाम किया गया। इस प्रकार ईरान ने पहली बार स्टारलिंक नेटवर्क में आउटेज देखा। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी यूक्रेन में स्टारलिंक सेवाएं लगातार काम कर रही थीं।