Tuesday, January 13

बिहार में निवेश को बढ़ावा: बंद मिलों के लिए लोन पैकेज, हर जिले में दौड़ेंगी ‘रोड एम्बुलेंस’

 

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बिहार सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है। उद्योग एवं पथ निर्माण विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की है कि राज्य में बंद पड़ी मिलों और उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष लोन पैकेज लाया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों की त्वरित मरम्मत के लिए प्रत्येक जिले में ‘रोड एम्बुलेंस’ की व्यवस्था की जाएगी।

 

डॉ. जायसवाल ने बताया कि यह लोन पैकेज उन निवेशकों के लिए होगा, जो बिहार में बंद पड़ी मिलों और उद्योगों को दोबारा शुरू करना चाहते हैं। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

 

 

हर जिले में बनेगा लैंड बैंक, 26 हजार करोड़ होंगे खर्च

 

उद्योग मंत्री ने बताया कि बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के अंतर्गत औद्योगिक भूमि की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य के सभी जिलों में लैंड बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार लगभग 26 हजार करोड़ रुपये खर्च कर भूमि का अधिग्रहण करेगी, ताकि निवेशकों को आसानी से जमीन उपलब्ध कराई जा सके।

 

 

सड़कों के इलाज के लिए ‘रोड एम्बुलेंस’

 

पथ निर्माण विभाग की नई पहल के तहत विदेशों की तर्ज पर रोड एम्बुलेंस शुरू की जाएगी। यह वाहन सड़क पर कहीं भी गड्ढा या क्षतिग्रस्त हिस्सा होने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर मरम्मत करेगा।

डॉ. जायसवाल ने बताया कि चौराहों पर प्रदर्शित मोबाइल नंबर पर सड़क की खराब स्थिति का फोटो भेजते ही रोड एम्बुलेंस सक्रिय हो जाएगी। मरीजों के इलाज की तरह अब सड़कों का भी इलाज किया जाएगा।

 

 

मास्टर रोड मैप और पांच एक्सप्रेस हाईवे

 

मंत्री ने कहा कि बिहार में सड़कों का जाल बिछाने के लिए मास्टर रोड मैप तैयार किया जा रहा है। बढ़ती आबादी के अनुरूप सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके अलावा मुंबई–पुणे एक्सप्रेस हाईवे की तर्ज पर राज्य में पांच एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण प्रस्तावित है।

सड़क रखरखाव के लिए रोड मेंटेनेंस पॉलिसी फरवरी–मार्च में लागू की जाएगी।

 

 

‘जी रामजी’ योजना पर मंत्री का बयान

 

डॉ. जायसवाल ने ‘जी रामजी’ योजना को लेकर कहा कि इसे जाति या धर्म से जोड़ना गलत है। यह गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन का संक्षिप्त नाम है। इस योजना के तहत 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। खेती और बुआई के समय दो महीने का अंतराल रखा जाएगा। साथ ही इसमें मिट्टी के कार्य के अलावा पक्के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का भी प्रावधान होगा।

 

 

विकसित बिहार की दिशा में बड़ा कदम

 

उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि उन्हें दोनों विभागों की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे विकसित बिहार के लक्ष्य को साकार करने के लिए ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। आने वाले समय में उद्योग, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में बिहार को नई पहचान मिलेगी।

 

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