
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट की सबसे चमकदार सितारों में से एक, विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज और मौजूदा कप्तान एलिसा हीली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। हीली ने स्पष्ट किया है कि फरवरी–मार्च 2026 में भारत के खिलाफ होने वाली घरेलू मल्टी–फॉर्मेट सीरीज उनके शानदार करियर का आखिरी अध्याय होगी।
35 वर्षीय हीली का यह फैसला न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट, बल्कि पूरे विश्व महिला क्रिकेट के लिए एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है।
भारत के खिलाफ आखिरी बार दिखेगा हीली का जलवा
एलिसा हीली ने पर्थ के ऐतिहासिक वाका (WACA) मैदान पर भारत के खिलाफ खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला चुनने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि वह आगामी टी20 विश्व कप का हिस्सा नहीं बनेंगी।
अपने विदाई संदेश में हीली ने कहा कि अब समय आ गया है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को नया नेतृत्व मिले और अगली पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए। उन्होंने माना कि उनके भीतर अब भी खेलने का जुनून है, लेकिन टीम के भविष्य को प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है।
रिकॉर्ड्स और ट्रॉफियों से सजा ऐतिहासिक करियर
करीब 15 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में एलिसा हीली ने वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना हर क्रिकेटर देखता है। वह ऑस्ट्रेलिया को
- 6 टी20 वर्ल्ड कप
- 2 वनडे वर्ल्ड कप
जिताने वाली टीम का अहम हिस्सा रहीं।
एक आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में हीली ने
- वनडे क्रिकेट में 3,500 से ज्यादा रन
- टी20 इंटरनेशनल में 3,000 से ज्यादा रन
बनाकर खुद को इस फॉर्मेट की सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल किया।
170 रन की वो पारी, जो इतिहास बन गई
एलिसा हीली के करियर की सबसे यादगार उपलब्धि 2022 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में खेली गई 170 रनों की ऐतिहासिक पारी रही, जिसे महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में गिना जाता है।
स्टंप्स के पीछे उनकी फुर्ती, मैदान पर आक्रामकता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें लंबे समय तक दुनिया की सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर–बल्लेबाज बनाए रखा।
एक युग का अंत
एलिसा हीली का संन्यास केवल एक खिलाड़ी की विदाई नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग के समापन की तरह है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी—एक ऐसी खिलाड़ी, जिसने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।