
भदोही: भदोही पुलिस ने शैलेन्द्र कुमार नामक फर्जी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर सालों तक पढ़ाया, अब प्रशासन ने उसकी सेवा समाप्त कर दी है और वेतन की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी शिक्षक शैलेन्द्र कुमार (45 वर्ष), मूल रूप से वाराणसी के बड़ागांव के रहने वाले, काफी समय से पुलिस की निगाह में था। बुधवार को कोइरौना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह कटरा बाजार में मौजूद है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे जय सेठ की दुकान के पास चाय की टपरी से दबोच लिया। गिरफ्तार करते समय वह पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उप-निरीक्षक काशीनाथ यादव और मुख्य आरक्षी विनय कुमार यादव की टीम ने उसे तुरंत हिरासत में लिया।
मामला किससे जुड़ा है:
यह पूरा मामला कम्पोजिट विद्यालय, कलिक मवैया से जुड़ा है। सहायक अध्यापक के पद पर तैनात शैलेन्द्र कुमार के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों की शिकायत मिली थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने जांच कर पुष्टि की कि जिन डिग्रियों के आधार पर वह नौकरी कर रहा था, वे पूरी तरह फर्जी और अवैध थीं। इसके बाद बीएसए ने तत्काल प्रभाव से उसकी सेवा समाप्त कर दी।
मुकदमा दर्ज:
कोइरौना थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध संख्या 199/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में वांछितों के खिलाफ अभियान के तहत यह गिरफ्तारी हुई।
आरोपी न्यायिक हिरासत में:
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शैलेन्द्र कुमार ने नियुक्ति से अब तक जो वेतन प्राप्त किया है, उसकी पाई-पाई वसूली की जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग जल्द ही प्रक्रिया शुरू करेगा। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य संदिग्ध शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।