
मधुबनी: गुजरात के सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। वहीं, बिहार का एक प्राचीन सोमनाथ मंदिर भी चर्चा में आ गया है। मधुबनी जिले के सौराठ गांव में स्थित यह मंदिर गुजरात के सोमनाथ मंदिर और महमूद गजनवी के आक्रमण से सीधे जुड़ा हुआ है।
बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मंदिर का दौरा किया और इसके संरक्षण व विकास के लिए सरकारी मदद का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सांसद अशोक यादव, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचाउल, संस्कृत शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन मृत्युंजय झा सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
मधुबनी के सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, 1026 ईस्वी में सौराष्ट्र (गुजरात) के पौराणिक सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी का आक्रमण हुआ और मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। उस समय वहां एक पुजारी बिहार के थे। आक्रमण के बाद यह पुजारी अपने गांव सौराठ लौट आए और वहीं उन्होंने सोमनाथ मंदिर की स्थापना की। उन्होंने इसे गुजरात के सोमनाथ मंदिर के सम्मान में ‘सोमनाथ’ नाम दिया।
कथाओं के अनुसार, सौराठ नाम भी सौराष्ट्र से जुड़ा माना जाता है, जो सदियों और भूगोल के पार इन दोनों पवित्र स्थलों को जोड़ता है। यह मंदिर आज भी स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है।
निष्कर्षतः, बिहार का यह सोमनाथ मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह इतिहास और पौराणिक कड़ी के माध्यम से गुजरात के सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक भी है।