Saturday, January 10

नौरादेही में चीतों की एंट्री से पहले बड़ी कार्रवाई, टाइगर की मौत के बाद डिप्टी डायरेक्टर हटाए गए

 

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सागर, मध्य प्रदेश: वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। ऐसे में वन विभाग ने सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर ए. ए. अंसारी को हटा दिया है। उनके कार्यकाल और कार्यप्रणाली पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे।

 

जानकारी के अनुसार, ए. ए. अंसारी पिछले पाँच साल से डिप्टी डायरेक्टर के पद पर थे। हाल ही में रिजर्व में एक बाघ की मौत हुई और उसकी पहचान नहीं की जा सकी, जिसे गंभीर चूक माना गया। इसके अलावा टाइगर रिजर्व से विस्थापितों को मिले मुआवजे में बैंक और बीमा घोटाले जैसे आरोप भी उनके खिलाफ लगे थे। इनमें एचडीएफसी बैंक में फोर्सफुली खाते खोलकर मुआवजे की राशि का अवैध रूप से निवेश करने की बातें शामिल थीं।

 

नौरादेही टाइगर रिजर्व के डीएफओ के तौर पर अंसारी के कार्यकाल में ही इसे वी. टी. टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला था। लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण संबंधी विवरण अद्यतन न रखना भी उनके कार्यकाल की आलोचना का कारण बना।

 

अंसारी के हटने के बाद उनकी जगह 2017 बैच के आईएफएस अधिकारी रजनीश कुमार को नियुक्त किया गया है।

 

इसी क्रम में, पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मोहित सूद को भी हटा दिया गया है। उन्हें मध्य प्रदेश वन विकास निगम, भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। उनकी जगह देवास डीएफओ उत्पादन वीरेंद्र कुमार पटेल को पन्ना टाइगर रिजर्व में डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया है।

 

वन विभाग का यह कदम आगामी दिनों में चीतों की एंट्री और टाइगर रिजर्व के बेहतर संरक्षण की तैयारी का संकेत माना जा रहा है।

 

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