
वॉशिंगटन।
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच एक अहम कूटनीतिक और आर्थिक संकेत सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि भारत को जल्द ही वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी जा सकती है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका एक नए नियंत्रित फ्रेमवर्क के तहत भारत को वेनेजुएला से तेल आयात करने की इजाजत देने को तैयार है।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका वेनेजुएला के तेल को दोबारा वैश्विक बाजार में लाने की योजना पर काम कर रहा है। भारत अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले वेनेजुएला के तेल का प्रमुख खरीदार रहा है और अपनी विशेष रिफाइनरियों में वहां के भारी कच्चे तेल का उपयोग करता था।
भारत को लेकर सकारात्मक रुख
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में जब व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया कि क्या अमेरिका भारत को वेनेजुएला का तेल खरीदने देगा, तो उन्होंने संक्षेप में “हां” कहा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस व्यवस्था के विस्तृत नियम और शर्तें अभी तय की जा रही हैं, इसलिए फिलहाल अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
अमेरिका के नियंत्रण में होगी बिक्री
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट के हवाले से बताया गया कि वेनेजुएला के तेल की बिक्री एक विशेष व्यवस्था के तहत होगी। इसके तहत तेल की बिक्री अमेरिकी सरकार के माध्यम से की जाएगी और उससे प्राप्त धन अमेरिका के नियंत्रण वाले खातों में जमा होगा। बाद में यह राशि इस तरह वेनेजुएला को दी जाएगी कि उसका लाभ वहां के आम नागरिकों तक पहुंचे, न कि भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों में जाए।
वैश्विक बाजार में लौटेगा वेनेजुएला का तेल
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वेनेजुएला के कच्चे तेल में केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों के कई देशों की भी दिलचस्पी है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की कई रिफाइनरियां पहले से ही वेनेजुएला के तेल को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं और आज भी इसकी मांग बनी हुई है।
न्यूयॉर्क में आयोजित एक ऊर्जा सम्मेलन में राइट ने कहा कि अमेरिका फिलहाल 3 करोड़ से 5 करोड़ बैरल वेनेजुएला के संग्रहित तेल को बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद भविष्य में उत्पादन बढ़ाकर निरंतर आपूर्ति की योजना है।
सख्ती से लागू होंगे अमेरिकी नियम
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला के तेल से जुड़ा कारोबार केवल अमेरिका द्वारा स्वीकृत और कानूनी ढांचे के तहत ही हो सकेगा। हाल में प्रतिबंधित तेल टैंकरों की जब्ती का हवाला देते हुए राइट ने कहा कि नियमों से बाहर जाकर तेल ले जाने वाले जहाजों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को वेनेजुएला के तेल तक दोबारा पहुंच मिलती है, तो इससे देश के ऊर्जा आयात में विविधता आएगी और बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, जबकि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है और अपनी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।