
जयपुर में नगर निगम ने गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। शहर में 184 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है, और सड़क पर कचरा फेंकने या प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर तुरंत जुर्माना लगाया जा रहा है।
सीसीटीवी में कैद युवकों पर कार्रवाई
सिविल लाइंस जोन में हाल ही में दो युवक सड़क पर कचरा फेंकते हुए कैमरे में कैद हुए। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और अजमेर रोड निवासी दिनेश कुमार लीलारमानी से 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही युवकों को भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने की शपथ दिलाई गई।
दो दिनों में 2.57 लाख रुपये का जुर्माना
नगर निगम के अभियान के तहत पिछले दो दिनों में कुल 2.57 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस दौरान 20 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक भी जब्त किया गया। केवल प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर ही 1.78 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जो यह दर्शाता है कि निगम इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
स्वच्छता निगम की प्राथमिकता
नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों और व्यापारियों से नियमों का पालन करने और स्वच्छ जयपुर के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
184 कैमरों से लगातार निगरानी
स्वास्थ्य शाखा के उपायुक्त ओम थानवी ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर लगे 184 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने या प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वालों को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
जयपुर नगर निगम का यह अभियान शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।