Saturday, January 10

तमिलनाडु में NDA विस्तार की योजना: BJP चला रही जोरदार चुनावी कैंपेन, DMK विरोधी वोटर्स पर है फोकस

 

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तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी एनडीए के विस्तार के लिए जोरदार चुनावी कैंपेन चला रही है। पार्टी का उद्देश्य डीएमके विरोधी वोटर्स के लिए एनडीए को स्वाभाविक विकल्प के रूप में पेश करना है।

 

पलानीस्वामी ने अमित शाह से की मुलाकात

एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें एनडीए के विस्तार, गठबंधन की रणनीति और चुनावी एजेंडा पर चर्चा हुई। इससे पहले, चेन्नई में अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पीएमके गुट को एनडीए में शामिल कर स्वागत किया गया। पीएमके का यह एलायंस राज्य की राजनीति में रणनीतिक महत्व रखता है।

 

एआईएडीएमके के भीतर रुख स्पष्ट

एनडीए के घोषित नेता पलानीस्वामी ने ओ पन्नीरसेल्वम और शशिकला को एआईएडीएमके या एनडीए में वापस शामिल करने पर साफ मना किया। वहीं, टीटीवी दिनाकरन के बारे में उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। पलानीस्वामी का मानना है कि एआईएडीएमके के भीतर एकता दिखाना चुनावी संदेश के लिए महत्वपूर्ण है।

 

टीवीके की चुनौती और राजनीतिक समीकरण

इस चुनाव में अनिश्चितता पैदा करने वाली नई ताकत टीवीके है, जिसे अभिनेता विजय ने लॉन्च किया है। टीवीके ने स्थानीय नेताओं और पार्टी से नाराज सदस्यों को आकर्षित किया है। कई एआईएडीएमके पदाधिकारी अब टीवीके के साथ जुड़े हैं। बीजेपी की योजना है कि पलानीस्वामी नेतृत्व वाली एआईएडीएमके के साथ गठबंधन करके डीएमके-कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को हराया जाए।

 

बीजेपी का रणनीतिक एजेंडा

बीजेपी तमिलनाडु में सभी डीएमके विरोधी ताकतों को एकजुट करना चाहती है। हालांकि, टीवीके ने कांग्रेस को अपना स्वाभाविक सहयोगी बताया है और खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है। इस स्थिति में एनडीए भ्रष्टाचार और कुशासन जैसे मुद्दों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाना चाहती है।

 

राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके वाला मोर्चा डीएमके को हराने के लिए सबसे मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। बीजेपी इस रणनीति के जरिए तमिलनाडु में अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहती है और एनडीए का विस्तार सुनिश्चित करना चाहती है।

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