
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात की है। बीएमसी चुनावों के साथ राज्य के अन्य महानगरपालिका चुनावों के प्रचार के बीच शिंदे ने एक मीडिया इंटरव्यू में फडणवीस के साथ अपने रिश्ते पर प्रतिक्रिया दी।
शिंदे का स्पष्ट बयान
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब भी उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को डिप्टी सीएम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ही समझा। उनका यह बयान इस समय सुर्खियों में है, जब दोनों नेताओं के बीच संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। शिंदे ने यह भी कहा कि उनके और फडणवीस के बीच किसी प्रकार का “कोल्ड वॉर” नहीं है, और यह केवल मीडिया की उपज है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके रिश्तों में किसी भी प्रकार की खटपट नहीं है और दोनों के बीच सहयोग और सम्मान का संबंध है। शिंदे ने कहा कि “हम दोनों 24 घंटे काम करने वाले नेता हैं और हमें अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कोई दिक्कत नहीं होती।”
मुंबई को गति देने का है एजेंडा
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनका और फडणवीस का एजेंडा एक ही है—मुंबई को सुपर फास्ट करना। शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए काम लगातार जारी है और इसमें समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले एक साल में मुंबई की सभी सड़कों को गड्डा-मुक्त किया जाएगा और 2027 तक सभी सड़कें बेहतर होंगी।
अंबरनाथ में बीजेपी की सफलता पर बयान
हालांकि, अंबरनाथ में शिवसेना की अगुवाई वाली पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी थी, लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस के पार्षदों को शामिल करके सत्ता पर कब्जा कर लिया। इस पर शिंदे ने कहा कि उनका फोकस पूरी तरह से काम करने पर है और राजनीतिक घटनाक्रमों से उनका लक्ष्य नहीं भटकता।
शिंदे ने यह भी जोड़ा कि वे अपने काम को लगातार तेज़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, ताकि मुंबई को तेजी से विकसित किया जा सके।