
नासा ने इतिहास में पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने मिशन को बीच में ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक बिगड़ी सेहत के चलते उठाया गया। नासा ने पुष्टि की है कि क्रू-11 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री, जो अमेरिका, जापान और रूस के थे, अब पृथ्वी पर लौटेंगे।
सेहत की वजह से मिशन को समाप्त किया गया
नासा ने एक बयान में बताया कि ISS पर मौजूद एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक मेडिकल इमरजेंसी सामने आई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इस घटना के बाद नासा ने नए साल का पहला स्पेस वॉक भी रद्द कर दिया था। हालांकि, नासा ने उस एस्ट्रोनॉट की पहचान और उसकी बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
नासा के अधिकारी का बयान
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने कहा, “हमारे मेडिकल अधिकारियों ने इस फैसले को लेने का कारण यह बताया कि ISS पर पूरी तरह से मेडिकल चेकअप और इलाज की सुविधा नहीं है। इसलिए, हमने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एस्ट्रोनॉट को पृथ्वी पर वापस बुलाने का निर्णय लिया।”
पहली बार किया गया मेडिकल इवैक्यूएशन
नासा के चिफ हेल्थ एंड मेडिकल ऑफिसर जेम्स पोल्क ने बताया, “हमारे पास ISS पर मेडिकल हार्डवेयर का अच्छा सेट है, लेकिन मरीज के संपूर्ण चेकअप के लिए हमें विशेष सेटअप की आवश्यकता होती है, जो ISS पर नहीं है। इस कारण हमें एस्ट्रोनॉट की सेहत की चिंता थी और हमने मिशन को बीच में समाप्त किया।”
क्रू-11 मिशन की टीम
नासा-स्पेसएक्स क्रू-11 मिशन में कुल चार एस्ट्रोनॉट शामिल थे, जिनमें अमेरिकी सदस्य माइक फिंके और जेना कार्डमैन, जापान के किमिया यूई, और रूस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं। नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित ने कहा, “यह पहली बार है जब किसी अंतरिक्ष मिशन से मेडिकल इवैक्यूएशन किया गया है। यह कदम असामान्य था, लेकिन क्रू ने अपनी ऑनबोर्ड ट्रेनिंग का पूरी तरह से इस्तेमाल किया और इस अप्रत्याशित स्थिति का सामना किया।”
नासा द्वारा लिया गया यह कदम अंतरिक्ष मिशनों में स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है और यह सुनिश्चित करता है कि अंतरिक्ष यात्री की सेहत की सर्वोत्तम देखभाल की जाए।