
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से 38 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगरा पुलिस ने 10 जनवरी को इन नागरिकों को अपनी कस्टडी में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल के लिए रवाना करने की योजना बनाई है, जहां से इन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया जाएगा। बीएसएफ 13 जनवरी को इन बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कराकर बांग्लादेश भेजेगा।
आगरा पुलिस के अनुसार, इनमें से 30 बांग्लादेशी नागरिक आगरा की जिला जेल में बंद हैं। वे विदेशी अधिनियम के तहत तीन साल की सजा पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा, आठ नाबालिगों को आश्रय गृह में रखा गया है, जिनमें पांच किशोर और तीन किशोरियां शामिल हैं। सभी बांग्लादेशी नागरिकों को एक साथ डिपोर्ट करने की तैयारी की जा रही है।
अवैध बस्ती का खुलासा
आगरा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि फरवरी 2023 में सिकंदरा थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-13 में एक अवैध बस्ती का खुलासा हुआ था। जांच में पता चला कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक सीमा पार कर आगरा में अवैध रूप से रह रहे थे। ये लोग यहां कबाड़ का काम कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान, बांग्लादेशी नागरिकों के पास से आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज भी बरामद हुए थे, जो जांच में फर्जी पाए गए। इसके बाद सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कर सभी के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
कोर्ट से जारी हुआ आदेश
कोर्ट से इन आरोपितों की सजा पूरी होने के बाद उनकी रिहाई के आदेश जारी किए गए थे। नियमों के मुताबिक, सजा पूरी होने के बाद विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजना आवश्यक होता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि इन बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट नहीं किया गया, तो ये अन्य जिलों में जाकर फिर से अवैध रूप से रह सकते हैं।
बीएसएफ और बांग्लादेशी एजेंसी से समन्वय
आगरा पुलिस ने डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए पहले ही बीएसएफ से समन्वय कर लिया है। एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) की एक टीम ने जिला जेल में जाकर सभी संबंधित जानकारियां जुटा ली हैं। पुलिस के मुताबिक, जिला जेल में कुल 23 पुरुष और सात महिलाएं बंद हैं, जबकि अन्य नाबालिग आश्रय गृह में हैं।
इसके अलावा, बांग्लादेशी सुरक्षा एजेंसियों को भी इस डिपोर्टेशन के बारे में पहले ही सूचित किया जा चुका है। आगरा से पहले भी कई बार बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है, और इस बार भी प्रक्रिया पूरी सुरक्षा के साथ तय मानकों के अनुसार की जाएगी।