Friday, January 9

प्रयागराज में छह माह से दहशत का पर्याय बना आदमखोर तेंदुआ पकड़ा गया

 

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बीते छह माह से लोगों में भय का कारण बने आदमखोर तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। झूंसी थाना क्षेत्र सहित चार थाना क्षेत्रों में आतंक फैलाने वाला यह तेंदुआ गुरुवार को छिवैया गांव में पिंजरे में कैद किया गया। पकड़े जाने से पहले तेंदुए ने दो ग्रामीणों को घायल कर दिया।

 

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब पांच बजे तेंदुआ शिकार की तलाश में छिवैया गांव में घुस आया। ग्रामीणों की नजर पड़ते ही शोर मचाया गया, जिससे तेंदुआ आक्रामक हो गया और उसने दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद तेंदुआ एक किसान के घर में घुस गया। किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने परिजनों को सुरक्षित स्थान पर भेजा और तेंदुए को घर के भीतर ही बंद कर दिया।

 

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को अवगत कराया गया। वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अरविंद यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए की आक्रामकता को देखते हुए उसे बेहोश कर पकड़ने का निर्णय लिया गया। प्रयागराज में ट्रैंकुलाइजेशन के विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण कानपुर चिड़ियाघर से पशु चिकित्सक डॉ. नासिर को बुलाया गया।

 

डॉ. नासिर के पहुंचने के बाद तेंदुए को बेहोश करने की प्रक्रिया शुरू की गई। करीब दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ पूरी तरह काबू में आ सका। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में बंद किया और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अपने साथ ले गई।

 

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस तेंदुए के हमलों में बीते महीनों में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए थे, जबकि कई छोटे मवेशियों को भी अपना शिकार बनाया था। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

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