
पटना: बिहार में जूलरी दुकानदारों ने सुरक्षा कारणों से हिजाब, मास्क और हेलमेट पहनकर दुकान में एंट्री पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद से राज्य में सियासी घमासान छिड़ गया है, खासकर NDA और महागठबंधन के बीच।
NDA सरकार का पक्ष
बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने जूलरी दुकानदारों के फैसले की तारीफ की। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुशासन स्थापित हुआ है। जब सुशासन होता है, तो हर चीज पारदर्शी होती है। अगर दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया है कि कोई भी व्यक्ति दुकानों में हेलमेट या हिजाब पहनकर नहीं आएगा, तो यह बहुत अच्छा कदम है। इसका उद्देश्य यह है कि दुकानदार किसी भी व्यक्ति का चेहरा पहचान सकें।”
राजद का विरोध
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बैन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने कहा कि यह कदम भारत के संविधान और संविधानिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह के फैसले संविधान द्वारा दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
भाजपा और RSS पर आरोप
राजद ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की साजिश में भाजपा और RSS से जुड़े लोग सक्रिय हैं। एजाज़ अहमद ने कहा कि कुछ जूलरी दुकानदार उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पहले से भाजपा और RSS द्वारा चलाया जा रहा था।
यह मामला केवल एक व्यापारिक निर्णय से बढ़कर अब एक सियासी मुद्दा बन गया है, और दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई है। बिहार में इस विवाद का असर आने वाले समय में राज्य की सियासत पर भी देखने को मिल सकता है।