
पटना: बिहार में दानापुर से बिहटा तक बनने वाले एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा नहीं हो सका है। इस रोड का निर्माण इसी साल सितंबर तक पूरा होने की योजना थी, लेकिन अब इसे अगले साल मार्च 2027 तक पूरा किए जाने की संभावना है।
काम में देरी के कारण:
बिहटा प्रखंड के महादेव फुलाड़ी और पतसा मौजा के पास सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। महादेव फुलाड़ी में रैयती जमीन पर पुराने स्ट्रक्चर बने हुए हैं, जिन्हें हटाने में बाधा आ रही है। इसके अलावा रोड क्लोजर की उचित व्यवस्था न होने के कारण भी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुआवजे में देरी:
जमीनी विवाद और मुआवजे में देरी से भी काम रुका हुआ है। महादेव फुलाड़ी मौजे में सिर्फ सात रैयतों को मुआवजा मिला है, जबकि पतसा मौजे में केवल दो रैयतों को ही मुआवजा दिया गया है। कुछ रैयतों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग भी की है, जिससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और धीमी हो गई है।
दानापुर और बिहटा की प्रगति में अंतर:
निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो दानापुर साइड में लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और स्थिति संतोषजनक है। वहीं, बिहटा साइड में जमीन विवाद और स्ट्रक्चर न हटने के कारण प्रगति काफी धीमी बनी हुई है।
प्रशासन की कार्रवाई:
दानापुर एसडीओ के अनुसार, प्रशासन लगातार जमीन अधिग्रहण कर निर्माण एजेंसी को उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है। कई मामलों में जमीन के कागजात अधूरे होने के कारण मुआवजा में देरी हो रही है। जैसे ही कागजी प्रक्रिया पूरी होती है, मुआवजा राशि सीधे रैयतों को भेज दी जाती है।
इस प्रकार, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की समस्याओं को सुलझाने के बाद ही दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट अपने निर्धारित समय में पूरा हो पाएगा।