Friday, January 9

‘देश की इज्जत से ऊपर नहीं वर्ल्ड कप’ — बांग्लादेश ने ICC को दिखाई आंख, भारत में खेलने से इनकार पर अड़ा बोर्ड

ढाका।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कह दिया है कि राष्ट्रीय सम्मान, सुरक्षा और अस्मिता के आगे वर्ल्ड कप भी मायने नहीं रखता। यदि बांग्लादेश को भारत में ही मैच खेलने के लिए मजबूर किया गया, तो वह टूर्नामेंट के बहिष्कार पर भी विचार कर सकता है।

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आईसीसी द्वारा बांग्लादेश के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग ठुकराए जाने के बाद अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गर्मा गया है। बांग्लादेश ने खुद को भारत-पाकिस्तान जैसी स्थिति में बताते हुए अपने मुकाबले तीसरे देश में कराने की मांग दोहराई है।

आइए जानते हैं पूरे विवाद को 5 अहम बिंदुओं में—

1. सरकार और क्रिकेट बोर्ड की बैठक के बाद आया कड़ा बयान

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का यह सख्त रुख सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आया। इस बैठक में सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल और बीसीबी के सभी डायरेक्टर्स मौजूद थे। यह बैठक आईसीसी के उस पत्र के बाद बुलाई गई, जिसमें बांग्लादेश की मैच शिफ्ट करने की मांग को खारिज कर दिया गया था।
मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजरूल की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर सरकारी दबाव और राजनीतिक रंग पूरी तरह हावी है।

2. ‘सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे’

प्रेस से बात करते हुए आसिफ नजरूल ने कहा,
“बांग्लादेश ने कड़ी मेहनत से वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है और हम खेलना चाहते हैं। लेकिन देश के अपमान, खिलाड़ियों, दर्शकों और पत्रकारों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं। जब सह-मेजबान श्रीलंका है, तो हम अपने मैच वहीं खेलना चाहते हैं। जहां राष्ट्रीय सम्मान का सवाल हो, वहां कोई समझौता नहीं होगा।”

3. ‘ICC हालात की गंभीरता नहीं समझ रही’

नजरूल ने आईसीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्रिकेट की वैश्विक संस्था भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़े हालात को सही ढंग से नहीं समझ रही है।
उन्होंने दावा किया कि जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड खुद यह कह रहा है कि वह एक खिलाड़ी (मुस्तफिजुर रहमान) को सुरक्षा नहीं दे सकता, तो इससे साफ है कि भारत में खेलने का माहौल सुरक्षित नहीं है। उन्होंने इसे सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अपमान का मुद्दा बताया।

4. भारत-पाकिस्तान जैसा हाइब्रिड मॉडल मांगा

बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी सरकार के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि जब सुरक्षा कारणों से भारत पाकिस्तान नहीं गया और पाकिस्तान महिला वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं आया, तो बांग्लादेश के मामले में भी वही हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर अन्य टीमों को सुरक्षा के आधार पर छूट मिल सकती है, तो बांग्लादेश को भी समान व्यवहार मिलना चाहिए।

5. ICC को पत्र लिखकर तय होगा अगला कदम

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वह जल्द ही आईसीसी को एक और पत्र भेजकर अपनी स्थिति विस्तार से बताएगा। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलेगा या नहीं
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगा दी थी।

निष्कर्ष:
7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले बांग्लादेश का यह कड़ा रुख आईसीसी और सह-मेजबान भारत के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी इस राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को कैसे संभालती है।

 

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