Thursday, January 8

इंदौर के भागीरथपुरा में प्रशासन ने हर घर को बनाया ‘मिनी अस्पताल’, 99 मरीज भर्ती, 16 ICU में जंग लड़ रहे

 

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इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अद्वितीय डिजिटल पहल शुरू की है। प्रशासन ने ‘Kobo Tool’ जैसे उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर 61 टीमों के जरिए 5,013 घरों का रियल-टाइम सर्वे पूरा किया।

 

सर्वे में घर-घर जाकर पानी के नमूने लिए गए और लोगों को बचाव के उपाय बताए गए। CMHO डॉ. माधव हसानी ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से अधिकारियों को तुरंत हीट मैप मिल गया, जिससे संकट वाले क्षेत्रों की स्थिति का त्वरित आकलन संभव हुआ।

 

डॉ. हसानी ने कहा कि नर्सिंग अधिकारी, CHOs, आशा और ANM टीमों ने पिछले 48 घंटों में कुल 5,013 घरों में जाकर 24,786 निवासियों तक स्वास्थ्य सेवा और सलाह पहुंचाई। प्रत्येक घर को केयर पॉइंट में बदलते हुए 10 ORS पैकेट और 30 जिंक टैबलेट वितरित किए गए। साथ ही हर 10 लीटर पानी में 10 क्लिनवॉट बूंदों का इस्तेमाल करने और पीने से पहले 1 घंटे इंतजार करने का निर्देश दिया गया।

 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अब भी MY हॉस्पिटल, अरबिंदो हॉस्पिटल और चाचा नेहरू चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में 99 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 16 मरीज ICU में अपनी जान की जंग लड़ रहे हैं। प्रशासन ने इलाके में डिहाइड्रेशन रोकने और लक्षण प्रबंधन के लिए व्यापक हेल्थ किट वितरण किया है।

 

मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कई बड़े नेता दूषित पानी से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कुछ जगहों पर तीखी झड़पें भी हुईं। इंदौर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे भागीरथपुरा को एक तरह से ‘छावनी’ में बदल दिया, सभी एंट्री पॉइंट्स को बैरिकेड्स से सील किया और वज्र वाहन तैनात किए।

 

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने और संकट नियंत्रण में अहम साबित हो रही है।

 

 

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