
नई दिल्ली (7 जनवरी 2026) – भारत और इजरायल अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने में लगे हुए हैं। दोनों देशों के बीच भरोसे और साझेदारी की बुनियाद पर आधारित यह संबंध अब मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इस प्रयास में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की इजरायल शाखा भारतीय रुपये में द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
भारतीय रुपये में द्विपक्षीय व्यापार की पहल
एसबीआई के अनुसार, भारत के सहयोगी देशों से होने वाले व्यापार में भारतीय रुपये का उपयोग बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों के निर्यात और आयात का निपटान भारतीय रुपये में करने की अनुमति दी है। इसके तहत इजरायल को प्रमुख भागीदार के रूप में चुना गया है। इस व्यवस्था के तहत इजरायली संस्थाएं भारतीय रुपये में भुगतान करेंगी और यह राशि तेल अवीव स्थित एसबीआई के विशेष वोस्त्रो खाते (SRVA) में जमा होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से तालमेल
10 जनवरी 2025 को ऑपरेशन सिंदूर समाप्त होने के बाद भारत ने अमेरिकी लॉबिस्टों के जरिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से संपर्क साधा। जेसन मिलर की कंपनी SHW Partners LLC ने इस प्रक्रिया में भारतीय अधिकारियों और अमेरिकी विदेश विभाग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद के बीच बैठकें आयोजित करवाई। हालांकि भारत अपने किसानों के हितों को देखते हुए अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर खुली छूट नहीं देना चाहता है।
भारतीय कामगारों के लिए सुविधाएं
इजरायल में 40,000 से अधिक भारतीय कामगार कार्यरत हैं। एसबीआई तेल अवीव शाखा ने उनके एनआरआई खाते खोलने की सुविधा प्रदान की है, जिससे भारत में उनके रुपये भेजना और प्राप्त करना आसान हो गया है। एसबीआई ने 2007 में इजरायल में अपनी शाखा खोली थी और अब यह शाखा भारतीय प्रवासियों और व्यापारिक समुदाय को जोड़ने का केंद्र बन गई है।
भारत-इजरायल आर्थिक सहयोग में वृद्धि
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में इजरायल का दौरा किया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT)
भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौता अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। नवंबर 2025 में टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर हस्ताक्षर होने के बाद बातचीत फिर से शुरू हुई। इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना और वस्तुओं व सेवाओं पर विशेष ध्यान देना है। 2025 में दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर किए और आगे व्यापक मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी है।
निष्कर्ष
भारतीय रुपये में व्यापार और मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में यह पहल दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूती देने का संकेत है। आने वाले समय में यह कदम भारत-इजरायल संबंधों की रीढ़ साबित हो सकता है।