
नई दिल्ली (7 जनवरी 2026) – 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपनी डिप्लोमेटिक रणनीति तेज कर दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिका से अपनी ओर से मदद हासिल करने के लिए ट्रंप के पूर्व वफादार डॉक्टर रॉनी जैक्शन की मध्यस्थता का सहारा लिया था, और इसने पाकिस्तान को व्हाइट हाउस तक पहुंचने में सफलता दिलाई।
पहलगाम के पीड़ितों का ‘खून’ और पाकिस्तान की डील
पहलगाम हमले के बाद जब पूरा भारत स्तब्ध था, पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ओर आकर्षित करने में जुट गया था। पाकिस्तान को डर था कि भारत उसकी आक्रामकता का जवाब दे सकता है, इसलिए उसने अमेरिका को अपने रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स का ऑफर दिया। इस डील को साकार करने में ट्रंप के डॉक्टर रॉनी जैक्शन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. रॉनी जैक्शन और पाकिस्तान के बीच डील
पाकिस्तान ने डॉ. रॉनी जैक्शन के जरिए व्हाइट हाउस में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज की। 22 अप्रैल, 2025 को जब पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में हमला किया, तो उसी समय 1 मई को डॉ. जैक्शन ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ इस डील पर बातचीत की थी। रॉनी जैक्शन ने पाकिस्तान की मदद करते हुए अमेरिका से 500 मिलियन डॉलर की डील पक्की करवाई। यह डील पाकिस्तान के रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर थी, जिसे बाद में सितंबर में अमेरिका ने मंजूरी दी।
ऑपरेशन सिंदूर और डील के बीच तालमेल
इस डील के दौरान भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके (PoK) पर हमला किया था। पाकिस्तान को इस हमले का डर था, इसलिए उसने डॉ. जैक्शन से मदद ली। भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर अस्थायी ब्रेक के बाद, पाकिस्तानी अधिकारियों ने फिर से डॉ. जैक्शन से बातचीत की और डिनर डिप्लोमेसी के तहत जनरल असीम मुनीर को ट्रंप के साथ डिनर पर बुलाया गया।
अमेरिकी डॉक्टर रॉनी जैक्शन का इतिहास
रॉनी जैक्शन, जो अमेरिकी नेवी के रिटायर्ड डॉक्टर हैं, व्हाइट हाउस मेडिकल यूनिट में कई वर्षों तक सेवा दे चुके हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी निजी चिकित्सा टीम का हिस्सा बने। रॉनी जैक्शन की विवादास्पद टिप्पणियों और कार्यों के कारण उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ट्रंप के “अच्छे जीन” की वजह से वह 200 साल तक जीवित रह सकते थे।
डील के बाद की स्थिति
इस डील के बाद पाकिस्तान को अमेरिका से महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की प्राप्ति हुई और यह सौदा दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हुआ। वहीं, ट्रंप के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता रही। रॉनी जैक्शन की भूमिका इस डील में एक प्रमुख कड़ी के रूप में उभरकर सामने आई।