Thursday, January 8

अमन शुक्ला मर्डर केस: बेऊर जेल से मिली थी जान से मारने की धमकी, STF ने तीन संदिग्धों को दबोचा

 

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पटना (7 जनवरी 2026) – पटना के पत्रकार नगर इलाके में हुए अमन शुक्ला हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। SIT और STF की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड का जल्द खुलासा किया जाएगा।

 

तीन मुख्य एंगल पर जांच

पुलिस इस हत्याकांड की जांच तीन प्रमुख एंगल्स पर कर रही है – पैसे के लेन-देन, प्रेम प्रसंग और गिरोह के आपसी विवाद। एसआईटी ने घटनास्थल के अलावा बोरिंग रोड और मीठापुर स्थित अमन शुक्ला के आवास की भी जांच की है। ये सभी बिंदु हत्याकांड की वजह बन सकते हैं, इसलिए इन्हीं पहलुओं पर पूछताछ को आगे बढ़ाया जा रहा है।

 

बेऊर जेल से मिली धमकी

जांच में यह सामने आया है कि अमन शुक्ला को एक सप्ताह पहले बेऊर जेल से हत्या की धमकी मिली थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह धमकी किसने दी थी, इसकी जानकारी भी सामने आ चुकी है। अब पुलिस टीम बेऊर जेल जाकर कुख्यात अपराधियों से पूछताछ करेगी, जिनसे यह धमकी मिली थी।

 

अमन शुक्ला की मूवमेंट का खुलासा

अमन शुक्ला, जो मीठापुर में अपनी पत्नी और बच्चे के साथ किराये के अपार्टमेंट में रहता था, बीते शनिवार से बोरिंग रोड में रह रहा था। उसी दिन वह अपने विकलांग बेटे को दिखाने मलाही पकड़ी स्थित अस्पताल गया था। पुलिस के अनुसार, उसी दौरान मुन्नाचक से दो बदमाशों ने उसका पीछा किया और पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के विद्यापुरी पार्क के पास उसे गोली मार दी। बदमाशों ने अमन के सिर में दो गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 

सीसीटीवी में कैद हमलावर

हत्याकांड में शामिल बदमाशों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। बदमाश हेलमेट और मास्क पहने हुए थे। फुटेज में यह देखा गया कि हमलावर अमन की दिनचर्या से पूरी तरह वाकिफ थे, क्योंकि वह हर सोमवार अपने विकलांग बेटे की फिजियोथेरेपी के लिए जाता था। इससे पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड में किसी करीबी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है।

 

CDR से मिल रहे अहम सुराग

पुलिस ने अमन शुक्ला और उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी निकाल ली है, जिससे उसे धमकी दी गई थी। अब पुलिस इस नंबर के मालिक और इसके ऑपरेटिंग स्थान का पता लगाने में जुटी है। CDR के जरिए पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जो मामले को सुलझाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

 

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