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टाटा लगाएगी देश की सबसे बड़ी फैक्ट्री, चीन को मिलेगी टक्कर

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी (TPREL) आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में 10 गीगावाट की इनगॉट और वेफर फैक्ट्री लगाने जा रही है। यह देश की सबसे बड़ी ऐसी फैक्ट्री होगी। कंपनी इस प्रोजेक्ट में 6,675 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

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इनगॉट और वेफर सेमीकंडक्टर चिप्स, सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने इफको किसान स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में 200 एकड़ जमीन दी है, जिसमें से 120 एकड़ इस फैक्ट्री के लिए और बाकी 80 एकड़ भविष्य में विस्तार के लिए रखी जाएगी।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में सोलर उपकरण का उत्पादन बढ़ाना और चीन पर निर्भरता कम करना है। TPREL की रिपोर्ट के मुताबिक इस फैक्ट्री से लगभग 1,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी सप्लाई के लिए 200 MW का प्लांट भी लगाएगी।

राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा, “आंध्र प्रदेश टाटा ग्रुप जैसी बड़ी कंपनी को आकर्षित करने में सफल रहा है। यह प्रोजेक्ट राज्य की नीतियों की स्थिरता, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दिखाता है।”

TPREL ने पहले ओडिशा के गोपालपुर और कटक में फैक्ट्री लगाने पर विचार किया था, लेकिन आंध्र प्रदेश ने जमीन की तुरंत उपलब्धता और कृष्णापटनम पोर्ट से नजदीकी का फायदा उठाकर यह प्रोजेक्ट अपने राज्य में लाने में सफलता पाई। नेल्लोर अब सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

यह फैक्ट्री पिछले साल 7 मार्च को किए गए एमओयू का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट है। TPREL ने भारत में पहले भी कई रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं, जिनमें गुजरात के धोलरा में 300 MW, कर्नाटक के पावागढ़ा में 400 MW, राजस्थान के बीकानेर में 450 MW और मध्य प्रदेश के नीमच में 431 MW के प्लांट शामिल हैं।

 

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