
मथुरा: मथुरा शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर हड़कंप मच गया है। एक शिक्षक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को रिश्वत देने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी ने कड़े रुख अपनाते हुए शिक्षक को ऑफिस से बाहर निकालकर विभागीय नोटिस थमा दिया।
घटना का विवरण
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति 5 जनवरी को अपने कार्यालय में विभागीय कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान शिक्षक सरन सूजान, जो प्राथमिक विद्यालय नगला ताज, विकासखंड बलदेव के प्रधान अध्यापक हैं, ऑफिस में दाखिल हुए और अपनी बहाली के लिए रिश्वत देने की कोशिश करने लगे। उन्होंने बीएसए के पास बैठकर अपने बहाल होने की मांग करते हुए पैसे देने की पेशकश की।
बीएसए ने तुरंत अपने स्टाफ को बुलाया और सरन सूजान को कार्यालय से बाहर निकालते हुए विभागीय कार्रवाई की। उन्हें सात दिन का नोटिस दिया गया और पूरी जानकारी शासन को भेजी गई।
पिछला विवाद
24 अप्रैल 2025 को बीएसए द्वारा विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था, तब सरन सूजान अनुपस्थित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए थे।
प्रभाव और आगामी कदम
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में रिश्वत लेने और देने वाले शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ऐसे अधिकारियों और शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है जो समय पर विद्यालय नहीं पहुँचते या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं। जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
यह मामला स्पष्ट करता है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जैसे ईमानदार अधिकारी भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं और शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं।