
नई दिल्ली: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का हिंदू धर्म से एक अनोखा और गहरा कनेक्शन है। हालांकि मादुरो का पालन-पोषण कैथोलिक परिवार में हुआ था और वह जन्म से ईसाई धर्म के अनुयायी रहे हैं, लेकिन उनके जीवन में हिंदू धर्म का प्रभाव बढ़ा, खासकर उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस के माध्यम से।
मादुरो को अक्सर अपने हाथ में कलावा (स्नान के धागे) पहने हुए देखा जाता है और उनकी कलाई में भगवान गणेश की तस्वीर वाली घड़ी भी नजर आती है। उनके राष्ट्रपति कार्यकाल में ही वेनेजुएला के राष्ट्रीय दिवस पर इन्विटेशन कार्ड में ‘ओम’ (ॐ) जैसे हिंदू धर्म के प्रतीक छापे गए थे।
सत्य साईं बाबा से प्रभावित मादुरो
मादुरो की हिंदू धर्म के प्रति आस्था तब गहरी हुई, जब उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस ने उन्हें भारतीय संत सत्य साईं बाबा से मिलवाया। 2005 में, जब मादुरो और फ्लोरेस भारत गए थे, तो फ्लोरेस ने उन्हें सत्य साईं बाबा से मिलवाया। उस दौरान फ्लोरेस पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज की वकील थीं, जबकि मादुरो असेंबली के स्पीकर थे।
मादुरो की भारत यात्रा की कुछ तस्वीरों में उन्हें साईं बाबा के चरणों में बैठा हुआ दिखाया गया है। काराकास के प्रेसिडेंशियल पैलेस में मादुरो के निजी कार्यालय में भी साईं बाबा की एक बड़ी फ्रेम वाली तस्वीर लगी हुई है, जिसे साइमन बोलिवर और ह्यूगो शावेज की तस्वीरों के साथ रखा गया है।
वेनेजुएला के राष्ट्रीय दिवस पर हिंदू प्रतीकों की उपस्थिति
मादुरो का हिंदू धर्म से जुड़ाव सिर्फ निजी आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे सार्वजनिक रूप से भी अपनाया। उनके कार्यकाल में वेनेजुएला के राष्ट्रीय दिवस पर हिंदू प्रतीकों का प्रयोग किया गया, जो इस बात को साबित करता है कि मादुरो का हिंदू धर्म में विशेष विश्वास है।
निकोलस मादुरो का हिंदू धर्म से यह कनेक्शन उनके राजनीतिक जीवन में एक दिलचस्प पहलू है, खासकर जब उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस ने उन्हें सत्य साईं बाबा से परिचित कराया।