
चंडीगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के इंदरजीत सिंह यादव के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में पिछले सप्ताह दिल्ली और गुरुग्राम में उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने इस दौरान 6.51 करोड़ रुपये नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण, 8-9 करोड़ रुपये मूल्य के पांच लग्जरी वाहन और 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे।
हालांकि, अब इंदरजीत सिंह यादव ने ईडी की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है। यादव का कहना है कि उनकी संपत्तियों से न तो कोई नकदी बरामद की गई और न ही कोई आपत्तिजनक सामग्री मिली। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से केवल तीन कंप्यूटर सिस्टम जब्त किए गए, जो नियमित जांच के लिए लिए गए थे।
इंदरजीत सिंह यादव का बयान
इंदरजीत सिंह यादव ने कहा, “मेरे परिसरों से सौ रुपये तक नकद नहीं मिला। केवल तीन कंप्यूटर सिस्टम जब्त किए गए। मैं तैयार हूं कि इस मामले में जो भी पंचनामा हुआ, उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि कोई भ्रम न रहे।” यादव ने यह भी कहा कि उनकी सभी संपत्तियां पूरी तरह से घोषित हैं और पैन से जुड़ी हुई हैं। उनका दावा है कि ये सभी संपत्तियां बैंकिंग चैनलों और विधिवत ऋणों के माध्यम से अर्जित की गई हैं।
उन्होंने मीडिया में सामने आ रहे अनुमानित आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की खबरें न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। यादव ने यह भी बताया कि आयकर विभाग के पास उनके वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा पहले से मौजूद है, क्योंकि इस साल जनवरी में उनके यहां आयकर विभाग द्वारा छापेमारी की गई थी।
जांच एजेंसियों से सहयोग का आश्वासन
इंदरजीत सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि वह जांच एजेंसियों से नहीं बच रहे हैं और उनका दावा है कि उन्हें अभी तक ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी से समन या नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून के तहत की गई तलाशी किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती और जब्त की गई सामग्री की जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
यादव ने भरोसा जताया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और कहा कि सत्य को शोर की आवश्यकता नहीं होती, उसे केवल धैर्य और निष्पक्षता चाहिए।
निष्कर्ष
इंदरजीत सिंह यादव ने एक बार फिर अपने खिलाफ चल रही जांच को लेकर मीडिया में चल रहे अटकलों और अनुमानों को नकारते हुए अपनी बेगुनाही का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह कानून की पूरी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे।