Thursday, January 8

इंदौर के बाद ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी पीने से लोग हुए बीमार, अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप

 

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ग्रेटर नोएडा: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद अब दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में भी दूषित पानी की सप्लाई से लोग बीमार हो गए हैं। यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन के ब्लॉक सी में सामने आया है, जहां कई लोग उल्टी, पेट दर्द और दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे हैं।

 

आरोप और स्थिति

आरडब्ल्यूए के अनुसार, पिछले तीन दिनों से सेक्टर डेल्टा वन के ब्लॉक सी में मुख्य पाइपलाइन में सीवर का पानी मिलकर आ रहा है, जिससे पानी गंदा और बदबूदार हो गया है। लोगों ने इस समस्या की शिकायत कई बार की, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी का कहना है कि इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद भी अधिकारियों ने कोई चेतावनी नहीं ली है।

 

सेक्टर डेल्टा वन में खराब पानी की सप्लाई

प्रमोद भाटी ने बताया कि सेक्टर डेल्टा वन के ब्लॉक सी-152 से लेकर 202 तक के घरों में लोग दूषित पानी पीने के कारण बीमार पड़ गए हैं। पानी में इतनी बदबू आती है कि उसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। मंगलवार को भी घरों में गंदे पानी की सप्लाई जारी रही। लोग अब पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं।

 

पुरानी पाइपलाइन और लीकेज की समस्या

डेल्टा 2 आरडब्ल्यूए के महासचिव आलोक नागर ने बताया कि सेक्टरों की सीवर और पानी की पाइपलाइन शहर बसाए जाने के दौरान बिछाई गई थी, और उसके बाद से इनमें कोई सुधार नहीं किया गया। पुराने और डेमेज हो चुके पाइपलाइन में लगातार लीकेज की समस्या आ रही है, जिससे सीवर का पानी पानी की पाइपलाइन में मिलकर आता है।

 

पानी पीने से बीमार हुए लोग

सेक्टर के निवासी विजय सिंह ने बताया कि दूषित पानी पीने के बाद उन्हें पेट में दर्द और उल्टी की समस्या हुई। उन्होंने इलाज लिया और अब हालत में कुछ सुधार है। वहीं, शशि नामक एक महिला ने बताया कि उनके घर में तीन दिनों से गंदा पानी आ रहा था, जिससे उनकी बेटी की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर ने पानी पीने से इंफेक्शन होने की बात कही है।

 

निष्कर्ष

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की समस्या गहरी हो चुकी है। स्थानीय निवासी अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग अब शुद्ध पानी की सप्लाई की उम्मीद लगाए हुए हैं ताकि उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान हो सके।

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