Thursday, January 8

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज से माफी मांगी, बिना वेरिफाई किए बयान पब्लिश किए थे किताब में Authored By: एनबीटी डेस्क

 

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कोल्हापुर: बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज छत्रपति उदयनराजे भोसले से माफी मांगी है। यह माफी जेम्स लेन की 2003 में प्रकाशित किताब ‘शिवाजी: हिंदू किंग इन इस्लामिक इंडिया’ के चार पन्नों में ‘बिना वेरिफाई किए गए बयानों’ को लेकर दी गई है, जो विवाद का कारण बने थे। इन बयानों के विरोध में कई प्रदर्शन हुए थे और पुणे स्थित एक हिस्ट्री रिसर्च सेंटर पर हमला भी किया गया था।

 

प्रेस ने सार्वजनिक माफी पत्र जारी किया

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया ने मंगलवार को अखबारों में एक सार्वजनिक माफीनामा छपवाया। इस माफीनामे में कहा गया है कि किताब के पेज नंबर 31, 33, 34 और 93 पर दी गई कुछ बातें जांची-परखी नहीं गई थीं। प्रेस ने इस पर खेद जताया कि छपाई के समय इन विवादास्पद हिस्सों पर ध्यान नहीं दिया गया था।

 

कोर्ट में हुई सुनवाई

छत्रपति उदयनराजे भोसले की शिकायत के बाद, 2 अप्रैल 2005 को हाईकोर्ट ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के सईद मंजर खान और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 500 (मानहानि) के तहत आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने पिछले साल 17 दिसंबर को सुनवाई की।

 

किताब दो दशक पहले हुई थी प्रकाशित

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया की प्रतिनिधि रुचिका टंडन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि यह किताब भारत में दो दशक से भी पहले थोड़े समय के लिए प्रकाशित हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय किताब की सामग्री को लेकर जो चिंताएं जताई गई थीं, उनके जवाब में प्रेस ने तुरंत किताब को वापस मंगवा लिया और उसे बाजार से हटा दिया था। टंडन ने यह भी कहा कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया सांस्कृतिक संवेदनशीलता और संदर्भों पर सावधानी से विचार करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके उत्पाद दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों द्वारा पढ़े और सराहे जा सकें।

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