
मेरठ, 6 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सलावा गांव में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण तेजी से हो रहा है। यह विश्वविद्यालय देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक खेल विश्वविद्यालयों में से एक बनेगा, जिसका उद्देश्य खेल शिक्षा और प्रशिक्षण को एक नया आयाम देना है।
इस विश्वविद्यालय का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में किया था, और अब इसका निर्माण कार्य लगभग 700 एकड़ में तेजी से चल रहा है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय की खासियतें:
विश्वविद्यालय का नाम भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है, जिन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है। यह संस्थान खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन, कोचिंग और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी में भी अग्रणी होगा।
विश्वविद्यालय में हर साल 1080 खिलाड़ियों (540 लड़के और 540 लड़कियां) को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
इसमें हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और एथलेटिक्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक स्टेडियम और ग्राउंड, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल, वाटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, साइक्लिंग वेलोड्रोम और शूटिंग रेंज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
खेल विज्ञान केंद्र, जिसमें फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, न्यूट्रिशन, परफॉर्मेंस एनालिसिस जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
रेजिडेंशियल हॉस्टल और कोच ट्रेनिंग सेंटर भी बनाए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ी और कोच रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे।
अकादमिक ब्लॉक में B.P.Ed, M.P.Ed, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और कोचिंग प्रोग्राम्स के लिए कोर्स चलाए जाएंगे।
निर्माण कार्य की स्थिति:
हालांकि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, कुछ देरी की वजह से पहले निर्धारित समय यानी मार्च 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य अब कुछ महीनों के लिए बढ़ा दिया गया है। हालिया अपडेट के अनुसार, सत्र की शुरुआत हो चुकी है और विश्वविद्यालय खेल शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा की ओर बढ़ रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा अवसर:
यह विश्वविद्यालय पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा, क्योंकि उन्हें अब दिल्ली, पटियाला या बेंगलुरु जैसे स्थानों पर जाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां पर ही उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं और संसाधन मिलेंगे, जिससे वे ओलंपिक, एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकेंगे।
मेरठ के विकास को मिलेगा बूस्ट:
विश्वविद्यालय के निर्माण से मेरठ और आसपास के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल, ट्रांसपोर्ट, मेडिकल, स्पोर्ट्स इंडस्ट्री जैसी सेवाओं में वृद्धि होगी और मेरठ को देश के प्रमुख खेल हब के रूप में पहचान मिलने की संभावना है।
यह विश्वविद्यालय न केवल खेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, बल्कि यह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।