
ज्योति शर्मा, मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में धर्म रक्षा संघ के तत्वावधान में परिक्रमा मार्ग स्थित भागवत मंदिरम में भगवान सोमनाथ का भव्य रुद्राभिषेक आयोजित किया गया। यह विशेष आयोजन महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष (जनवरी 1026 – जनवरी 2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया।
आचार्य बद्रीश महाराज के सानिध्य में संतों, पदाधिकारियों और विद्यार्थियों ने विधि-विधानपूर्वक महादेव की आराधना की।
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने इस अवसर पर कहा कि जनवरी 1026 में गजनवी का उद्देश्य केवल लूटपाट नहीं था, बल्कि महान सनातन प्रतीकों को नष्ट करना था। उन्होंने कहा कि आक्रांता ने सोचा था कि वह आस्था को मिटा देगा, लेकिन सनातन को नष्ट करने के उसके मंसूबे कभी सफल नहीं हुए।
संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की कहानी विनाश की नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनरुत्थान की गाथा है। यह मंदिर हर पीढ़ी को यह सिखाता है कि सत्य और आस्था कभी पराजित नहीं हो सकती।
राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश महाराज ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि यदि सोमनाथ मंदिर हजार साल के हमलों के बाद भी सीना तानकर खड़ा है, तो यह भारत के सभ्यतागत गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आक्रमणकारी गजनवी इतिहास में केवल लुटेरे और विनाशक के रूप में दर्ज है, जबकि सोमनाथ आज भी करोड़ों हिंदुओं की आशा और विश्वास की रोशनी है।
इस पावन रुद्राभिषेक कार्यक्रम में श्रीदास प्रजापति, मुकेश शर्मा, महंत अतुल कृष्ण दास महाराज, महंत देवानंद महाराज, महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद महाराज, अजय शर्मा, ब्रजकिशोर पचौरी और ध्रुव शर्मा सहित अनेक भक्तगण और संत समाज उपस्थित रहे।