Thursday, January 8

उत्तर प्रदेश: ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं? इन 12 डॉक्यूमेंट्स की मदद से जोड़ सकेंगे

 

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लखनऊ/यूपी: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जा रही है। प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ वोटरों की सूची जारी की गई है। इस प्रक्रिया में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें ट्रांसफर, अनुपस्थित और मृत मतदाता शामिल हैं।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने सभी जिलों में ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन की तैयारियों का अंतिम निरीक्षण किया। मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। ड्राफ्ट मतदाता सूची सभी बूथों पर 11 जनवरी को पढ़ी जाएगी, जिसमें वोटर सीधे अपने बीएलओ से जानकारी ले सकते हैं।

 

नाम नहीं है तो क्या करें?

अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं। नाम जोड़वाने के लिए फॉर्म-6 और Annexure-IV भरकर अपने क्षेत्र के बीएलओ कार्यालय में जमा करें। इसे ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है, वेबसाइट https://voters.eci.gov.in या E-NET ऐप के जरिए।

 

नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की सुनवाई में शामिल होना अनिवार्य है। सुनवाई के दौरान यह प्रमाण देना होगा कि आप भारतीय नागरिक हैं और मतदान के लिए योग्य हैं।

 

जरूरी डॉक्यूमेंट्स:

 

  1. राज्य या केंद्र सरकार का पहचान पत्र
  2. पासपोर्ट
  3. ड्राइविंग लाइसेंस
  4. पैन कार्ड
  5. सरकारी/अर्ध-सरकारी कार्यालय का पहचान पत्र
  6. छात्र पहचान पत्र
  7. बिजली, पानी या टेलीफोन बिल
  8. बैंक/डाकघर पासबुक जिसमें पता अंकित हो
  9. राशन कार्ड
  10. किराया अनुबंध
  11. सरकारी आवास प्रमाण/आवंटन पत्र
  12. गैस कनेक्शन की रसीद या बुक

 

एसआईआर से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं:

एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने से जिलों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। राजनीतिक दलों की ओर से अपने मतदाताओं के नाम जोड़वाने की कवायद शुरू हो गई है। नए मतदाता डेटा के आधार पर आगामी चुनावों में रणनीति पर असर पड़ने की संभावना है।

 

 

 

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