
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में स्वयं चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बार वे कांग्रेस के चुनावी अभियान को संभालेंगे और पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।
हरीश रावत ने कांग्रेस के लिए आगामी चुनाव को “करो या मरो” वाला बताया और कहा कि पार्टी को सभी 70 विधानसभा सीटों पर फोकस बनाए रखना होगा। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को भी बड़ा चुनावी मुद्दा बताया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर टिप्पणी:
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता ने अपनी हत्या से एक दिन पहले अपने दोस्त को बताया था कि जहां वह काम कर रही थी, वहां एक VIP आने वाले थे और उस पर विशेष सेवा देने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान को जांच का हिस्सा नहीं बनाया गया, साक्ष्य नष्ट किए गए, रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाया गया और आग लगा दी गई।
हरीश रावत ने कहा, “इससे स्पष्ट होता है कि वहां VIP आने वाला था और यह रिजॉर्ट ‘प्लेजर पॉलिटिक्स’ का अड्डा बन चुका था। अब BJP के भीतर जिन VIP का नाम सामने आया है, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए और मामला CBI को सौंपा जाए। जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए।”
सीधे नाम नहीं लिए जाने पर:
उन्होंने कहा कि पूर्व BJP विधायक और उनकी पत्नी का जो ऑडियो वायरल हुआ है, उसमें जिनका नाम आया है, उनकी जांच सरकार बचाने की कोशिश कर रही है ताकि BJP को राष्ट्रीय शर्म का सामना न करना पड़े।
कांग्रेस में पद और मुख्यमंत्री पद की संभावना:
हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि पार्टी में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार विधानमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं की प्रक्रिया से तय होता है। उन्होंने कहा, “हम लगातार तीसरी बार चुनाव नहीं हारना चाहते। इसलिए मैं हर कीमत पर चुनाव जिताने के लिए काम करूंगा। हालांकि, खुद मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, लेकिन अभियान को संभालूंगा।”
वोटर लिस्ट और वोट चोरी पर टिप्पणी:
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी और SIR मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि कई जगह चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ दिए जाते हैं और विपक्षी संभावित वोटरों के नाम कट जाते हैं। उन्होंने इसे खुले तौर पर वोट चोरी करार दिया।