
टोंक: टोंक जिले के निवाई उपखंड के देवरी गांव में खेत से मिली धातु की डेग के कारण फैली खजाने की अफवाह का सच अब सामने आ गया है। जांच में पता चला कि यह कोई पुराना खजाना नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को फंसाने की सोची-समझी ठगी थी। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
घटना दो दिन पहले हुई थी, जब देवरी गांव के चारागाह क्षेत्र में खुदाई के दौरान एक धातु की बड़ी डेग मिली। डेग मिलने की खबर से ग्रामीण उत्साहित हो गए और बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का मानना था कि इसमें कोई पुराना खजाना हो सकता है।
पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान नकली सोने की ईंटें और बिस्किट बेचकर लोगों को ठगने वाले दो युवकों, मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने ही खेत में डेग छिपाई थी और इसे तंत्र-मंत्र के झांसे के लिए रखा था।
पुरातत्व विभाग ने खोली डेग, निकली केवल मिट्टी
धातु की डेग को प्रशासन ने निवाई तहसील की ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में रखवा दिया। बाद में पुरातत्व विभाग की टीम ने इसे खोला, जिसमें केवल मिट्टी निकली। पुरातत्व विभाग ने स्पष्ट किया कि यह खजाने से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोगों को ठगने की साजिश थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी इसी तरह की ठगी की वारदातों में शामिल रहे हैं। इस घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बनते ही लोगों में सर्तकता और प्रशासन के प्रति विश्वास की भी महत्वपूर्ण भूमिका उजागर की है।