
जयपुर: राजस्थान के तीन विधायकों रेवंतराम डांगा (भाजपा), अनीता जाटव (कांग्रेस) और ऋतु बनावत (निर्दलीय) की मंगलवार को विधानसभा सदाचार कमेटी के समक्ष दूसरी पेशी हो रही है। ये सभी विधायक पिछले महीने स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में घिर गए हैं। स्टिंग में विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा करने पर कमीशन लेने की डील की गई थी। वीडियो 14 दिसंबर 2025 को वायरल हुआ, जिसके बाद तीनों विधायकों पर गंभीर आरोप लगे।
सदाचार कमेटी जांच कर रही गंभीर मामला
विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा में कमीशन लेने का मामला राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सुर्खियों में रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित सभी राजनीतिक दलों ने इसे शर्मनाक बताया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सदाचार कमेटी को सौंपा। अगर कमेटी तीनों विधायकों को दोषी पाती है तो उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जा सकती है।
अब तक की घटनाओं का क्रम:
14 दिसंबर 2025: तीनों विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन की खबर सामने आई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
14 दिसंबर 2025: मुख्यमंत्री ने मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की। विधायक निधि खातों को फ्रीज किया गया।
14 दिसंबर 2025: विधानसभा अध्यक्ष ने सदाचार कमेटी को जांच सौंपी।
17 दिसंबर 2025: सदाचार कमेटी की बैठक, तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर तलब किया गया।
19 दिसंबर 2025: पहली पेशी; विधायकों ने सबूत पेश नहीं किए। अनीता जाटव ने 7 दिन, ऋतु बनावत ने 10 दिन और रेवंतराम डांगा ने 15 दिन मोहलत मांगी।
23 दिसंबर 2025: कमेटी ने सभी को एक साथ हाजिर होने का निर्देश दिया।
6 जनवरी 2026: दूसरी पेशी सदाचार कमेटी के समक्ष।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी सियासी सरगर्मी
तीनों विधायकों की सदस्यता पर संकट और स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो के वायरल होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सदाचार कमेटी की जांच का नतीजा विधानसभा की कार्यवाही और विधायकों के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकता है।