
नई दिल्ली: देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर आज भारी दबाव में रहे और बीएसई पर यह 4% से अधिक गिरकर 1,497.05 रुपये पर पहुंच गया। पिछले सत्र में शेयर 1,577.45 रुपये पर बंद हुआ था।
इस गिरावट का कारण हाल ही में ब्लूमबर्ग में प्रकाशित रिपोर्ट मानी जा रही है, जिसमें दावा किया गया था कि रूस से तेल लेकर तीन टैंकर जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी ने इस रिपोर्ट को खंडित करते हुए कहा है कि उसे जनवरी में रूस से कोई तेल की डिलीवरी मिलने की उम्मीद नहीं है और पिछले तीन हफ्तों में ऐसा कोई कार्गो नहीं मिला।
रिलायंस कभी रूस से सबसे अधिक तेल खरीदने वाली भारतीय कंपनी थी। कंपनी के बयान का समय इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव फिर बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर भारत रूस से तेल की खरीद कम नहीं करता, तो भारत पर टैरिफ बढ़ाया जा सकता है।
शेयर बाजार में रिलायंस का यह शेयर निफ्टी 50 में सबसे बड़े गिरावट के कारण के रूप में उभरा। इसने बेंचमार्क की कुल 91 अंकों की गिरावट में 72.5 अंकों का योगदान दिया। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी ने 11.45% का मजबूत लाभ दर्ज किया है, और पिछले एक साल में शेयर 25.8% बढ़ चुका है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, शेयर मिड से लॉन्ग टर्म एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। इसका RSI 59.8 पर है, जो न्यूट्रल जोन में माना जाता है।
आज सुबह 11.52 बजे कंपनी का शेयर 4.09% गिरावट के साथ 1,513 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।