Thursday, January 8

गाजियाबाद में थम नहीं रही कोडीन कफ सिरप की तस्करी, नशे के लिए हो रहा दुरुपयोग

 

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गाजियाबाद। जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने की तमाम कोशिशों के बावजूद यह गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग की सख्ती के बाद भी तस्कर नए-नए तरीकों से सिरप की सप्लाई कर रहे हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते तीन महीनों में करीब चार करोड़ रुपये से अधिक कीमत का कोडीन कफ सिरप बरामद किया जा चुका है।

 

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, कौशांबी, ट्रोनिका सिटी, लोनी, डासना, वसुंधरा, गोविंदपुरम, साहिबाबाद और खोड़ा जैसे इलाकों में कोडीन सिरप की अवैध बिक्री सबसे अधिक सामने आई है। अब तक 25 मेडिकल दुकानों से सिरप बरामद कर उनके लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

 

खाद्य एवं औषधि विभाग के निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और कई संदिग्ध मेडिकल स्टोर व सप्लायर विभाग के रडार पर हैं। उन्होंने कहा कि यह सिरप दवा के रूप में कम और नशे के लिए अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक है।

 

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन के अनुसार, कोडीन कफ सिरप का निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन करने पर लीवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक इसका दुरुपयोग जानलेवा भी साबित हो सकता है।

 

साढ़े तीन करोड़ की खेप पकड़ी गई

नवंबर माह में सोनभद्र पुलिस के इनपुट पर गाजियाबाद की स्वाट टीम ने कोडीन सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में आठ तस्करों को गिरफ्तार किया गया था, जो फर्जी फार्मा लाइसेंस, नकली ई-वे बिल और मुहरों के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में करोड़ों रुपये की दवाओं की सप्लाई कर रहे थे।

 

नंदग्राम क्षेत्र स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम से 1,57,350 शीशियां (करीब 15,735 लीटर) Eskuf और Phensedyl कफ सिरप बरामद की गई थीं, जिनकी कीमत लगभग 3.40 करोड़ रुपये आंकी गई। मौके से दो 12-टायरा ट्रक, दो आयशर कैंटर, एक क्रेटा कार, 20 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, दस मोबाइल फोन, दस फर्जी सिम, सात मुहरें और कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।

 

बिना पर्ची धड़ल्ले से बिक्री

जांच में सामने आया है कि कई इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर की पर्ची के ही कोडीन कफ सिरप बेचा जा रहा है, जबकि यह नियंत्रित दवा है। अब तक की कार्रवाई में ट्रोनिका सिटी से 40 हजार, कौशांबी से 15 हजार और डासना से 7 हजार बोतलें पकड़ी जा चुकी हैं।

 

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस सिरप के निर्माण में करीब 120 रुपये का खर्च आता है, लेकिन अवैध बाजार में इसे 800 से 900 रुपये या उससे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। सिरप में मौजूद ओपिओइड तत्व और एक्सपेक्टोरेंट मिश्रण नशेड़ियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

 

क्राइम ब्रांच की जांच तेज

कोडीन सिरप तस्करी के मामले में पुलिस की क्राइम ब्रांच भी सक्रिय है। एडिशनल सीपी क्राइम केशव चौधरी ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। औषधि विभाग की जांच को भी क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच का हिस्सा बनाया है, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।

 

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा बिना पर्ची दवा बेचने वालों और तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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