
नई दिल्ली।
भारत सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए एक नया ई–प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिजनेस वीजा (e-B-4 Visa) शुरू किया है। यह वीजा 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है। इसके तहत चीनी नागरिक अब भारत में विशेष व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए दूतावास या किसी एजेंट के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत को टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है। ऐसे में e-B-4 वीजा को भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
छह महीने तक भारत में रहने की अनुमति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, e-B-4 वीजा का उद्देश्य भारत में व्यावसायिक वीजा की बढ़ती मांग को पूरा करना है। आवेदन के लगभग 45 से 50 दिनों के भीतर वीजा जारी किया जाएगा। इसके तहत चीनी व्यापारियों को भारत में अधिकतम छह महीने तक रहने की अनुमति होगी।
किन गतिविधियों के लिए मिलेगा e-B-4 वीजा
इस वीजा का उपयोग कई व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिनमें—
- मशीनरी और उपकरणों की स्थापना व संचालन
- गुणवत्ता जांच और रखरखाव
- उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां
- आईटी और ईआरपी (ERP) सिस्टम का विस्तार
- कर्मचारियों का प्रशिक्षण
- सप्लाई चेन विकास और विक्रेताओं का पंजीकरण
- संयंत्र डिजाइन, संचालन की शुरुआत
- वरिष्ठ प्रबंधन और अधिकारियों की व्यावसायिक यात्राएं
भारतीय कंपनियां भी कर सकेंगी आवेदन
जो भारतीय कंपनियां चीनी नागरिकों को e-B-4 वीजा के तहत आमंत्रित करना चाहती हैं, वे DPIIT के नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) पोर्टल पर Business User Login के माध्यम से पंजीकरण कर आवेदन कर सकती हैं।
भारत–चीन संबंधों में सुधार की दिशा में कदम
ई-वीजा के लिए आवेदक ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के पोर्टल पर ‘For e-Visa’ टैब के जरिए आवेदन कर सकेंगे। हाल के महीनों में भारत और चीन ने लोगों से लोगों के संपर्क बढ़ाने और संबंधों को सामान्य बनाने पर सहमति जताई है। e-B-4 वीजा की शुरुआत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की वैश्विक रणनीति को भी दर्शाता है।