Wednesday, January 14

सुपरनोवा प्रोजेक्ट में घर खरीदारों को नई उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

 

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नई दिल्ली: नोएडा के सुपरटेक सुपरनोवा प्रोजेक्ट के अटके हुए काम को पूरा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने पुराने प्रमोटरों को हटाते हुए प्रोजेक्ट में नया डेवलपर लाने का आदेश दिया और इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इस फैसले से अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में घर खरीदारों के सपनों को नई दिशा मिली है।

 

तीन सदस्यीय समिति की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति नए बिल्डर का चयन करेगी। चयन प्रक्रिया में डेवलपर के अनुभव, वित्तीय क्षमता और ट्रैक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी ऐसा व्यक्ति या कंपनी, जो पहले से दिवालिया कंपनी या उसके पुराने प्रबंधन से जुड़ी हो, इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी।

 

कानूनी जानकारों की राय

कानूनी विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक व्यावहारिक समाधान बताया। उनका मानना है कि इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की नियुक्ति और IBC के तहत प्रक्रिया में अक्सर सालों लग जाते हैं और समाधान की गारंटी भी नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 142 का उपयोग करते हुए प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया है।

 

घर खरीदारों की प्रतिक्रिया

सुपरटेक इकोविलेज-3 के रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर अनिल कुमार सिंह ने कहा, “IRP और बिल्डर के बीच घर खरीदार भटकते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट पूरा कराने के लिए नए बिल्डर को अनुमति दी और घर खरीदारों के हितों को प्राथमिकता दी।”

 

IBC के नियम और बिल्डर्स की जवाबदेही

वकील चंद्रचूड़ भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ बिल्डर IBC का गलत इस्तेमाल कर अपनी जिम्मेदारी से बचते हैं। सेक्शन 14 जैसे नियम घर खरीदारों के मामलों को रोक देते हैं, जिससे उन्हें लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है।

 

विशेषज्ञों की समीक्षा

फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाता है कि IBC और RERA रियल एस्टेट में न्याय दिलाने में अक्सर विफल रहते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पैसों का बकाया है, तब प्रोजेक्ट्स को मंजूरी क्यों दी जाती है और क्यों अन्य उद्योगों की तरह रियल एस्टेट में नियम सफल नहीं हो पा रहे हैं।

 

इस फैसले से सुपरनोवा प्रोजेक्ट में फंसे लाखों घर खरीदारों को राहत मिली है और अब उनके घर के सपने पूरा होने की उम्मीद जगी है।

 

 

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