Thursday, May 14

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चार मौतों के बाद भी ‘खेल’: बिजनौर में अवैध खनन के डंपर को बदलने का आरोप, थानेदार और सिपाही सस्पेंड

 

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बिजनौर।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में चार लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अवैध खनन में लगे जिस डंपर से टकराकर एक कार में सवार चार लोगों की जान गई, उसी डंपर को बचाने के लिए पुलिस पर कबाड़ डंपर खड़ा कर मामला दबाने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एसपी अभिषेक झा ने नांगलसोती थाने के एसओ सतेंद्र मलिक और सिपाही अमित सैनी को निलंबित कर दिया है।

 

घटना रविवार रात की है, जब हाईवे पर मिट्टी से लदे एक डंपर में पीछे से क्रेटा कार जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार चार लोगों—सराय आलम निवासी कारी इकबाल (75), अशफाक (65), एहतेशाम (25) और सलाउद्दीन (26)—की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक धार्मिक विद्वान भी शामिल थे। पुलिस ने जेसीबी की मदद से डंपर में फंसी कार को बाहर निकाला और दरवाजे काटकर शवों को बाहर निकाला।

 

आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने डंपर मालिक से मिलीभगत कर असली हादसाग्रस्त डंपर को मौके से हटाकर एक ईंट-भट्ठे पर छिपा दिया। इसके बजाय एक पुराना और खराब डंपर थाने में खड़ा कर दिया गया, ताकि अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन की सच्चाई सामने न आ सके। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली उजागर हो गई।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक झा ने जांच एसपी सिटी डॉक्टर कृष्ण गोपाल सिंह और सीओ नजीबाबाद नीतीश कुमार को सौंपी। जांच में सामने आया कि थाने में खड़े डंपर पर हादसे के कोई निशान नहीं थे और उसका नंबर भी अलग था। वहीं, असली डंपर मिट्टी से भरा हुआ था, उसका बीमा वैध नहीं था और अन्य जरूरी कागजात भी अधूरे थे। इसके अलावा, जिले में रात के समय खनन पर रोक के बावजूद डंपर धड़ल्ले से चल रहे थे।

 

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने थानेदार और सिपाही को तत्काल सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच के आदेश दे दिए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हादसे की सच्चाई छिपाने और अवैध खनन की जानकारी अधिकारियों तक न पहुंचने देने के लिए यह पूरा खेल रचा गया।

 

इस मामले पर जिला अधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट किया कि बिजनौर में रात के समय बिना अनुमति खनन और ओवरलोड वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने बताया कि एसडीएम, सीओ और एआरटीओ के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिना अनुमति मिट्टी से भरे वाहन नहीं चलेंगे, खासकर रात के समय। कोहरे और सर्दी को देखते हुए ट्रैफिक, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें निगरानी में लगी हुई हैं।

 

चार लोगों की मौत के बाद सामने आया यह मामला न केवल अवैध खनन की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि कानून की रक्षा करने वालों की भूमिका पर भी गहरे सवाल छोड़ जाता है।

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