
कोटा: नाश्ते में पोहा खाने वालों के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने चेतावनी जारी की है। कोटा में मिली बड़ी कार्रवाई में 33.5 क्विंटल मिलावटी पोहा जब्त किया गया, जिसमें पोहे की सफेदी बढ़ाने के लिए रासायनिक रंग मिलाए जाने की आशंका जताई गई है।
जांच और जब्ती की जानकारी
विभाग के अनुसार, बाजार में पोहे की कीमत 48–50 रुपये प्रति किलो है, जबकि बिहार से आने वाले ‘अमृतभोग’ ब्रांड के पोहे 36 रुपये प्रति किलो में बिक रहे थे। इसी आधार पर सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों से कुल 33.5 क्विंटल पोहा जब्त किया गया। मौके से चार सैंपल भी लिए गए हैं।
जब्त स्थान और विवरण
सब्जीमंडी रोड फर्म: 58 कट्टे (प्रति कट्टा 30 किलो)
कैथूनीपोल क्षेत्र थोक विक्रेता: 54 कट्टे
जांच में यह भी पाया गया कि जब्त कट्टों पर निर्माता का पता, उत्पादन तिथि और बैच नंबर जैसी कोई जानकारी अंकित नहीं थी।
दीवाली में फेल हुए सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीवाली के दौरान आठ सैंपल लिए थे, जो फेल पाए गए। इनमें नमकीन, दही, मिल्क केक, बेसन लड्डू, मोहन खीर और पेठा मिठाई शामिल हैं। यह मिठाई और अन्य उत्पाद मैसर्स मालव रेस्टोरेंट, मैसर्स साईं एंटरप्राइजेज, मैसर्स श्री बीकानेरी मिष्ठान भंडार, मैसर्स जैन बंधु एंटरप्राइजेज, न्यू जोधपुर मिष्ठान भंडार, मैसर्स श्री दुग्धालय, न्यू शंकर पेठा स्टोर और मैसर्स शंकर पेठा भंडार के मामलों से संबंधित हैं। इन सभी मामलों में एडीएम कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है।
चेतावनी
डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओ कोटा ने सभी नागरिकों से सस्ते और बिना प्रमाण वाले पोहे और नाश्ते के सामान से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इस तरह के मिलावटी उत्पाद से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।
निष्कर्ष: पोहा खाने वालों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है। स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भरोसेमंद ब्रांड और प्रमाणित उत्पादों का ही सेवन करना जरूरी है।