Thursday, February 12

हेल्थ, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ में गूगल करेगा लाखों डॉलर का निवेश, भारत बनेगा AI का नया केंद्र

नई दिल्ली: दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और भारत भी इसका महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। भारत को ग्लोबल AI लीडरशिप की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए गूगल ने स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और साझेदारियों की घोषणा की है।

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मंगलवार को आयोजित Lab to Impact कार्यक्रम में, जो India AI Impact Summit 2026 के सहयोग से आयोजित हुआ, गूगल ने भारत में AI के लिए कुल 1.49 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया।

कितना निवेश कहाँ जाएगा?

  • AI सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (IISc बैंगलोर, IIT कानपुर, IIT मद्रास, IIT रोपड़): 80 लाख डॉलर
  • Wadhwani AI (Health Vaani और Agrivaani/Garuda): 45 लाख डॉलर
  • IIT बॉम्बे – इंडिक लैंग्वेज टेक्नोलॉजीज रिसर्च हब: 20 लाख डॉलर
  • हेल्थ फाउंडेशन मॉडल के विकास के लिए: 4 लाख डॉलर
  • AI स्टार्टअप्स और रिसर्च प्रोजेक्ट्स (Gnani.AI, CoRover.AI, BharatGen, IIT बॉम्बे का GEMMA प्रोजेक्ट): प्रत्येक को 50,000 डॉलर

AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का महत्व

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत AI को राष्ट्रीय सामरिक क्षमता के रूप में देख रहा है। चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को राष्ट्रीय अनुसंधान मिशन के तहत तैयार किया गया है। ये केंद्र बेसिक रिसर्च, जिम्मेदार AI और जनहित में उपयोगी अनुप्रयोग विकसित करेंगे और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देंगे।

स्वास्थ्य और कृषि में AI का उपयोग

गूगल AI मॉडल्स के जरिए MedGemma, AIIMS विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सहयोग से मेडिकल रिकॉर्ड्स को FHIR अंतरराष्ट्रीय मानक में बदलने का काम किया जाएगा। इससे मरीज अपनी रिपोर्ट बेहतर समझ सकेंगे और नीति निर्माण में मदद मिलेगी। Wadhwani AI कृषि और हेल्थ सेक्टर में AI समाधान विकसित करेगा।

भाषाई विविधता और स्टार्टअप्स को समर्थन

IIT बॉम्बे में स्थापित Indik Language Technology Hub भाषाई विविधता को बढ़ावा देगा। वहीं, छोटे AI स्टार्टअप्स और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को 50,000 डॉलर तक के ग्रांट्स दिए जाएंगे।

गूगल डीपमाइंड के सीनियर रिसर्च डायरेक्टर डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा, “AI वैज्ञानिक खोजों को तेज करने, मानव क्षमताओं को बढ़ाने और भारत को AI आधारित भविष्य का नेतृत्व करने की ताकत देता है।”

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