Thursday, January 22

डॉक्टर की चेतावनी: “डिहाइड्रेटेड जेनरेशन” – क्या आप सच में अपनी जरूरत के मुताबिक पानी पी रहे हैं?

नई दिल्ली: आजकल लोग खूब पानी और अन्य लिक्विड्स लेने के बावजूद डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। असल में यह जरूरी नहीं कि जितना पानी पी रहे हैं, वह आपके शरीर के लिए पर्याप्त हो। आपकी लिक्विड की जरूरत आपके स्वास्थ्य, सक्रियता और पर्यावरण जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

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रोजाना कितनी मात्रा में पानी लेना चाहिए?

ओनली माय हेल्थ के अनुसार डॉ. पूजा बिनानी कहती हैं कि हमारी बिजी लाइफस्टाइल, एयर-कंडीशन्ड ऑफिस, लगातार स्क्रीन के सामने समय बिताना और मानसिक गतिविधियां मस्तिष्क की प्यास का संकेत भेजने की क्षमता को दबा देती हैं। नतीजतन, प्यास लगने तक हल्का डिहाइड्रेशन पहले ही हो चुका होता है।

स्पेशलिस्ट की सलाह:

  • स्वस्थ पुरुषों को औसतन 3.7 लीटर लिक्विड, महिलाओं को 2.7 लीटर लिक्विड रोजाना लेना चाहिए।
  • इसमें सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि चाय, कॉफी, जूस, फल और सब्जियों से मिलने वाले लिक्विड भी शामिल होते हैं।

क्यों बढ़ रहा है डिहाइड्रेशन का खतरा?

  • लगातार एयर कंडीशन्ड वातावरण में काम करना।
  • स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना।
  • ग्लोबल वॉर्मिंग और गर्म मौसम में बाहर अधिक समय बिताना।
  • कैफीनयुक्त और चीनी वाले पेय पदार्थ, जैसे चाय, कॉफी, सोडा और पैकेटबंद जूस, जो असल में हाइड्रेशन कम करते हैं।

डिहाइड्रेशन के लक्षण

  • लगातार थकान या सुस्ती,
  • सिरदर्द, रूखी त्वचा या फटे होंठ,
  • एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन,
  • मांसपेशियों में ऐंठन, कब्ज,
  • गहरा पीला मूत्र।

डिहाइड्रेशन को नजरअंदाज करना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे गुर्दे की पथरी, मूत्र मार्ग संक्रमण, पाचन विकार और शारीरिक कमजोरी

एक्सपर्ट की सलाह

  • दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं।
  • कैफीन और चीनी वाले पेय कम करें।
  • फल और सब्जियों से लिक्विड की पूर्ति करें।
  • शरीर के संकेतों पर ध्यान दें, जैसे कि प्यास, मूत्र का रंग और थकान।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह के इलाज या दवा का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता।)

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