Thursday, June 11

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विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त, सोने के भरोसे थमी लगातार दो सप्ताह की गिरावट

मुंबई: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दो सप्ताह तक गिरावट के दौर से गुजर रहा था, लेकिन 05 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के आंकड़ों में राहत मिली। इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में $1.03 बिलियन की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से सोने के भंडार में वृद्धि के कारण हुई।

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, पांच दिसंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ कर $687.260 बिलियन तक पहुंच गया। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को यह भंडार $704.885 बिलियन के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर था।

फॉरेन करेंसी असेट्स में गिरावट
हालांकि विदेशी मुद्रा भंडार में कुल बढ़ोतरी हुई, लेकिन Foreign Currency Assets (FCAs) में कमी देखी गई। पांच दिसंबर को समाप्त सप्ताह में FCA में $151 मिलियन की गिरावट हुई। इससे पहले लगातार दो सप्ताह में FCA में $1.877 बिलियन और $4.472 बिलियन की गिरावट दर्ज की गई थी। वर्तमान में FCA भंडार $556.880 बिलियन तक पहुंच गया है।

सोने का भंडार बढ़ा
इस अवधि में सोने के भंडार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सोने के भंडार का मूल्य $1.188 बिलियन बढ़कर $106.984 बिलियन हो गया है। वर्तमान में RBI के पास सोने का भंडार 880 टन के पार पहुँच गया है, जो देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 14.7 प्रतिशत है।

एसडीआर और IMF रिजर्व
सप्ताह के दौरान Special Drawing Rights (SDR) में $93 मिलियन की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर $18.721 बिलियन हो गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में रखे देश के रिजर्व में $97 मिलियन की गिरावट आई, और अब यह $4.675 बिलियन पर स्थिर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के भंडार में वृद्धि और एफसीए में मामूली गिरावट से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी मजबूत स्थिति में है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार और आर्थिक स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत है।

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