Sunday, July 26

Bihar

यात्राओं पर नीतीश को इतना भरोसा क्यों? जनता के बीच जाने में छिपा है सीएम का जादू
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यात्राओं पर नीतीश को इतना भरोसा क्यों? जनता के बीच जाने में छिपा है सीएम का जादू

  पटना: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की यात्राओं का विशेष स्थान रहा है। 2005 की 'न्याय यात्रा' से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है। इन यात्राओं के जरिए वे न केवल जनसमर्थन का सटीक आकलन करते हैं, बल्कि विरोध की लहर को भी समय रहते भांप लेते हैं।   2005 की 'न्याय यात्रा' बनी टर्निंग पॉइंट   नीतीश कुमार के यात्रा प्रेम की शुरुआत फरवरी 2005 में हुई। उस समय बिहार त्रिशंकु विधानसभा और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद नीतीश ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने के लिए उन्होंने 'न्याय यात्रा' निकाली। यह यात्रा जादुई असर दिखा गई और उसके बाद हुए चुनावों में नीतीश समर्थित एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला। इस ऐतिहासिक सफलता ने नीतीश के मन में यात्राओं के प्रति स्थायी विश्वास पैदा किया।   जनता ...
मैडम के ठुमकों ने खिलाई जेल की हवा! बेगूसराय में रेल ट्रैक पर रील बना युवक और महिला गिरफ्तार
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मैडम के ठुमकों ने खिलाई जेल की हवा! बेगूसराय में रेल ट्रैक पर रील बना युवक और महिला गिरफ्तार

    बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में रेलवे ट्रैक पर रील बनाना एक महिला और युवक को भारी पड़ गया। बरौनी-कटिहार रेल खंड के लखमीनियां स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर डांस करते हुए उनका वीडियो सामने आने के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई की।   रेलवे ट्रैक पर रील बनाना पड़ा भारी   जान जोखिम में डालकर 28 दिसंबर 2025 को बने इस वीडियो की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय आरपीएफ ने जांच शुरू की। पता चला कि वीडियो में डांस कर रही महिला अरुणा देवी उर्फ रुबी कुमारी, और युवक गौरव कुमार, जबकि वीडियो शूट करने वाला युवक नीतीश कुमार है।   वीडियो 12 जनवरी को सोनपुर कंट्रोल रूम के पास पहुंचा और फिर आरपीएफ के हाथ लगा। इसके बाद तीनों के खिलाफ रेल क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश, रेल सुविधा में बाधा डालना और लापरवाही पूर्वक वीडियो बनाने का मामला दर्ज किया गया।   गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत   ...
Mountain Man दशरथ मांझी: भगवान के भरोसे मत बैठिए, इंसान का हौसला पहाड़ भी चीर सकता है
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Mountain Man दशरथ मांझी: भगवान के भरोसे मत बैठिए, इंसान का हौसला पहाड़ भी चीर सकता है

    गयाजी: 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की कहानी अटूट संकल्प और जिद का प्रतीक है। जब पहाड़ की वजह से समय पर इलाज न मिलने पर उनकी पत्नी फल्गुनी देवी का निधन हुआ, तो दशरथ ने अकेले ही पहाड़ का सीना चीरने का निर्णय लिया। 22 वर्षों की कठिन मेहनत से उन्होंने रास्ता बना कर साबित किया कि इंसान के हौसले के आगे कुदरत भी झुक जाती है।   पत्नी की मृत्यु और ठान लिया लक्ष्य   साल 1959 में गेहलौर की दुर्गम पहाड़ियों पर फल्गुनी देवी का पैर फिसल गया और अस्पताल तक पहुँचने में देरी के कारण उनका निधन हो गया। इस घटना ने दशरथ मांझी के जीवन का मार्ग बदल दिया। उन्होंने ठान लिया: “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।”   22 साल की मेहनत और अविश्वसनीय उपलब्धि   दशरथ मांझी ने 1960 से 1982 तक अकेले ही 360 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 25 फीट ऊंचा रास्ता खोदा। कठोर क्वार्टजाइट की चट्...
बिहार: मंत्रियों और विधायकों को दो सरकारी आवास, नीतीश सरकार ने रखी ये शर्तें
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बिहार: मंत्रियों और विधायकों को दो सरकारी आवास, नीतीश सरकार ने रखी ये शर्तें

    पटना: बिहार सरकार ने मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति व उपसभापति और विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को दो-दो सरकारी आवास देने का फैसला किया है। इसके लिए कुछ शर्तें और किराया निर्धारित किया गया है।   कौन-कौन मिलेंगे अतिरिक्त आवास?   बिहार की नीतीश सरकार ने विधानमंडल के वरिष्ठ सदस्यों के लिए भी अतिरिक्त आवास का प्रावधान रखा है, चाहे वे वर्तमान में मंत्रिपरिषद के सदस्य न हों। केंद्रीय पूल और विधानमंडल पूल से कुल 15 अतिरिक्त आवास सशर्त रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। शर्तें इस प्रकार हैं:   कम से कम छह बार विधानमंडल के सदस्य रहे हों। कम से कम एक बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों। कम से कम तीन बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों। या पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री रहे हों।   भवन निर्माण विभाग की तैयारी   भवन निर्माण विभ...
बिहार: दो महिला सिपाहियों के साथ ‘ऑन ड्यूटी’ इंस्पेक्टर सिलीगुड़ी गए, रास्ते में विवाद ने खोली पोल
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बिहार: दो महिला सिपाहियों के साथ ‘ऑन ड्यूटी’ इंस्पेक्टर सिलीगुड़ी गए, रास्ते में विवाद ने खोली पोल

    किशनगंज: बिहार उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी बिना किसी अनुमति के दो महिला कॉन्स्टेबलों के साथ निजी वाहन से सिलीगुड़ी निकल गए। लौटते समय बागडोगरा (दार्जिलिंग) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ओवरटेकिंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। यह मामला अब विभागीय जांच के घेरे में है।   कैसे हुआ मामला उजागर   सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी और दो महिला कॉन्स्टेबल किशनगंज से सिलीगुड़ी गए। किसी को जानकारी तक नहीं थी कि यह दौरा किस उद्देश्य से किया गया। रास्ते में तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के आरोप में स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। ग्रामीणों का दावा है कि विरोध न होता तो सामने वाली गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी।   हंगामा इतना बढ़ गया कि सड़क पर बैरिकेडिंग लग गई और दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। बागडोगरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच...
नीतीश कुमार के निशांत के लिए ‘बैरम खान’ बन सकते हैं आरसीपी सिंह? बिहार की राजनीति में नए उलटफेर के संकेत
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नीतीश कुमार के निशांत के लिए ‘बैरम खान’ बन सकते हैं आरसीपी सिंह? बिहार की राजनीति में नए उलटफेर के संकेत

      पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा गरम है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) जदयू में वापसी करेंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीतिक सफर में ‘बैरम खान’ की भूमिका निभाएंगे?   राजनीतिक हलकों में यह चर्चा इसलिए तेज हो गई है क्योंकि हालिया कार्यक्रम में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की समान मंच पर मौजूदगी ने राजनीतिक संकेत दे दिए हैं। पटेल सेवा संघ की ओर से आयोजित मकर संक्रांति भोज में दोनों नेताओं का अलग-अलग समय पर आगमन और ‘नीतीश आरसीपी एक हों’ के नारे इसे और रोचक बनाते हैं।   बैरम खान से राजनीतिक समानता   इतिहास में बैरम खान मुगल बादशाह बाबर के पुत्र हुमायूं के साये की तरह काम कर इतिहास बदलने वाला शख्स था। नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के संबंधों की तुलना इसी से की जा र...
नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चंपारण कनेक्शन इतिहास से सियासत तक का ‘कॉम्बो’
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नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चंपारण कनेक्शन इतिहास से सियासत तक का ‘कॉम्बो’

        पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई ‘समृद्धि यात्रा’ इस बार भी पश्चिम चंपारण से शुरू हो रही है। इसके पीछे सिर्फ राजनीतिक गणित ही नहीं, बल्कि इतिहास और श्रद्धा भी जुड़ी हुई है। नीतीश कुमार की महात्मा गांधी और बाबा भीम साहेब अंबेडकर में गहरी श्रद्धा रही है। इसलिए राज्य के विकास और जनता के हित के लिए आयोजित समृद्धि यात्रा की शुरुआत हमेशा चंपारण से ही होती है।   राजनीतिक तंत्र और नीतीश का निशाना   नीतीश कुमार जानते हैं कि पश्चिम चंपारण में भाजपा और जदयू की संयुक्त ताकत महागठबंधन को हराने में निर्णायक भूमिका निभाती है। 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को 16 सीटें मिली थीं, जबकि 2025 में यह घटकर 11 रह गईं। यहां जातीय आधार पर बीजेपी के मतदाता ज्यादा हैं और जदयू के कम, इस कारण राजनीतिक रणनीति गठबंधन पर आधारित होती है।   महात्मा गांध...
लालू यादव के आवास पर इस बार नहीं सजेगी दही-चूड़ा की महफिल RJD ने बताया क्यों रद्द हुआ ‘चर्चित भोज’
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लालू यादव के आवास पर इस बार नहीं सजेगी दही-चूड़ा की महफिल RJD ने बताया क्यों रद्द हुआ ‘चर्चित भोज’

        पटना: बिहार की सियासत में मकर संक्रांति का अपना अलग महत्व रहा है। हर साल इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आवास पर होने वाला ‘दही-चूड़ा भोज’ काफी चर्चित होता है और इसमें दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। लेकिन इस बार यह पारंपरिक महफिल शायद नहीं लगेगी।   राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बताया कि इस साल बड़े पैमाने पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण लालू यादव की सेहत है। मंगनी लाल मंडल ने कहा, “डॉक्टरों की सलाह लालू यादव जी के लिए सर्वोपरि है। उनकी दिनचर्या और खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और वे वही कर रहे हैं, जो डॉक्टरों ने निर्देशित किया है।”   भोज को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति तब साफ हुई जब मंगनी लाल मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर जाकर नेता...
कटिहार में फेरीवाले को बांग्लादेशी कहकर पीटा, 12 हजार रुपये भी लूटे
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कटिहार में फेरीवाले को बांग्लादेशी कहकर पीटा, 12 हजार रुपये भी लूटे

    कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में एक फेरीवाले के साथ बांग्लादेशी कहकर मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। कोढ़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी अकमल हुसैन (25) गांव-गांव जाकर बर्तन बेचते हैं। 11 जनवरी की शाम करीब 5 बजे जब वह चकला गांव, समेली चौक थाना क्षेत्र में फेरी लगा रहे थे, तभी साइकिल से आए दो व्यक्तियों ने उन्हें नाम पूछकर गाली-गलौज शुरू कर दी और 'बाहरी और बांग्लादेशी' कहकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। इस दौरान उनके जेब में रखे 12 हजार रुपये भी लूट लिए गए। आरोपी फरार हो गए।   पीड़ित अकमल हुसैन ने पोठिया थाना और कोढ़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने मारपीट के दौरान कहा कि “फेरीवाले बांग्लादेशी यहां आकर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं।”   शेरशाहवादी विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो....
हाई कोर्ट ने मनमाने ढंग से गाड़ियों की नीलामी पर सख्त रुख अपनाया आरा DFO प्रद्युम्न गौरव का ट्रांसफर हेडक्वार्टर का आदेश
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हाई कोर्ट ने मनमाने ढंग से गाड़ियों की नीलामी पर सख्त रुख अपनाया आरा DFO प्रद्युम्न गौरव का ट्रांसफर हेडक्वार्टर का आदेश

      पटना: पटना हाई कोर्ट ने रोहतास के तत्कालीन डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) प्रद्युम्न गौरव की मनमानी कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें आरा (भोजपुर) से हटाने और हेडक्वार्टर ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। जस्टिस संदीप कुमार की एकल पीठ ने राज्य के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया।   मामला दीपक कुमार सिंह और 17 अन्य वाहन मालिकों की याचिकाओं से जुड़ा है। आरोप है कि जब प्रद्युम्न गौरव रोहतास के DFO थे, तब उन्होंने एक दर्जन से अधिक ट्रांसपोर्टरों के भारी वाहनों को जब्त कर नीलामी का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई याचिकाओं की हाई कोर्ट में लंबित होने के बावजूद की गई थी।   जस्टिस संदीप कुमार ने टिप्पणी की, “भोजपुर के डीएफओ प्रद्युम्न गौरव के कामों में एक परेशान करने वाला ट्रेंड दिखता है। उन्होंने रोहतास में पद रहते हुए ...