Thursday, July 23

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रिलायंस के शेयरों में 5 साल का सबसे बड़ा फिसलाव, जियो IPO से पहले खरीदें या नहीं?
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रिलायंस के शेयरों में 5 साल का सबसे बड़ा फिसलाव, जियो IPO से पहले खरीदें या नहीं?

नई दिल्ली: देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में नए साल की शुरुआत में तेजी नहीं देखी गई। साल 2026 की शुरुआत में कंपनी के शेयर अब तक लगभग 10% गिर चुके हैं, और पिछले 5 साल में यह सबसे अधिक बिकवाली के स्तर पर पहुँच गया है। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में करीब 29 अरब डॉलर की कमी आई है। शेयर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, रिटेल बिजनेस में मंदी की आशंका और रूस से कच्चे तेल के आयात में कमी O2C मार्जिन पर असर डाल सकती है। दिसंबर तिमाही के नतीजों ने भी शेयर की कीमत को बढ़ाने में मदद नहीं की। मंगलवार को शेयर का 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 24 पर आ गया, जो पिछले 5 साल में पहली बार इतना कम हुआ है, और बताता है कि शेयर अब काफी अधिक बिक चुका है। विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा बाजार भाव से शेयर 23% तक बढ़ सकता है। 28 ब्रोकरेज फर्मों में से 26 ने शेयर पर ‘बाय’ या ‘...
सोना आसमान छू रहा, RBI ने खरीद में लगाई ब्रेक
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सोना आसमान छू रहा, RBI ने खरीद में लगाई ब्रेक

मुंबई: सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साल 2025 में सोने की खरीद में भारी कमी कर दी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने 2025 में केवल 4.02 टन सोना खरीदा, जबकि 2024 में यह संख्या 72.6 टन थी। यानी पिछले साल खरीद में लगभग 94% की गिरावट देखी गई। भले ही इस साल खरीद कम हुई, RBI के पास कुल सोने का भंडार रिकॉर्ड 880.2 टन तक पहुँच गया है। 2024 के अंत में यह 876.18 टन था। इस भंडार की वजह से सोने का मूल्य विदेशी मुद्रा भंडार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और नवंबर 2025 तक इसका मूल्य 100 अरब डॉलर से अधिक हो गया था। RBI ने सोने की खरीद में कमी इसलिए की है क्योंकि उसके विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा पहले ही काफी बढ़ गया है। साल 2021 में सोने की हिस्सेदारी केवल 5.87% थी, जो अब लगभग 16% तक पहुँच गई है। RBI का सोना देश में और विदेशो...
अटल पेंशन योजना की अवधि बढ़ाई, 2030-31 तक जारी रहेगा लाभ
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अटल पेंशन योजना की अवधि बढ़ाई, 2030-31 तक जारी रहेगा लाभ

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना (APY) की अवधि बढ़ाकर साल 2030-31 तक करने का बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के लाखों मजदूरों को रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने पक्की पेंशन मिलने की गारंटी हो गई है। योजना के तहत लाभार्थियों को उनकी योगदान राशि के अनुसार 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक मासिक पेंशन दी जाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि योजना का प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान और आर्थिक सहयोग लगातार जारी रहेगा। यह कदम विशेष रूप से गांव और छोटे शहरों के मजदूरों के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद करेगा। अटल पेंशन योजना 9 मई 2015 को शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य उन लोगों को पेंशन का लाभ देना है जो किसी फॉर्मल पेंशन सिस्टम से जुड़े नहीं हैं। 19 जनवरी 2026 तक ...
रूसी तेल पर अमेरिकी बैन से रूस को झटका, कमाई 46% तक गिर सकती है, भारत ने भी घटाई खरीदारी
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रूसी तेल पर अमेरिकी बैन से रूस को झटका, कमाई 46% तक गिर सकती है, भारत ने भी घटाई खरीदारी

    नई दिल्ली: अमेरिका समेत पश्चिमी देशों द्वारा रूसी तेल पर बैन लगाए जाने के बाद रूस को बड़ा आर्थिक झटका लगने लगा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई 46% तक गिर सकती है। इस महीने रूस से भारत का तेल आयात भी पिछले तीन सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे रूस की कमाई पर और दबाव पड़ा है।   तेल निर्यात में कमी:   ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार 18 जनवरी को खत्म हुए चार हफ्तों में रूस ने औसतन 31.6 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन भेजा, जो अगस्त 2025 के बाद सबसे कम है। क्रिसमस से पहले के मुकाबले यह निर्यात 7 लाख बैरल प्रतिदिन कम हो गया है। 11 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते के मुकाबले निर्यात 2.6 लाख बैरल प्रति दिन घटा।   भारत की भूमिका: भारत रूस का एक बड़ा तेल खरीदार है, लेकिन दिसंबर 2025 में उसने रूस से तेल खरीदना ...
अडानी ग्रुप के शेयरों में एलआईसी ने घटाई हिस्सेदारी, GQG ने की मुनाफावसूली
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अडानी ग्रुप के शेयरों में एलआईसी ने घटाई हिस्सेदारी, GQG ने की मुनाफावसूली

  नई दिल्ली: अडानी ग्रुप के शेयर पिछले साल मजबूत प्रदर्शन करने के बावजूद दिसंबर तिमाही में प्रमुख निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी में फेरबदल किया है। देश के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अडानी ग्रुप की दो कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई, जबकि GQG ने कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की। वहीं म्यूचुअल फंड और विदेशी निवेशकों (FII) ने भी पोर्टफोलियो में बदलाव किया।   एलआईसी की स्थिति:   अडानी एंटरप्राइजेज में एलआईसी की हिस्सेदारी 52 आधार अंक घटकर 3.64% रह गई। अडानी पोर्ट्स में हिस्सेदारी 7.73% से घटकर 6.79% हुई। ACC में निवेश बढ़कर 10.51% हो गया। अडानी एनर्जी, अडानी ग्रीन, अडानी टोटल गैस और अंबुजा सीमेंट में हिस्सेदारी स्थिर रही।   GQG का पोर्टफोलियो:   अडानी पोर्ट्स में हिस्सेदारी 3.49% से घटकर 2.27% हुई। अडानी पावर में हिस्सेदारी मामू...
ग्रीनलैंड विवाद से रुपया रसातल में, डॉलर के मुकाबले पहली बार 91.29 पर पहुँचा
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ग्रीनलैंड विवाद से रुपया रसातल में, डॉलर के मुकाबले पहली बार 91.29 पर पहुँचा

    नई दिल्ली: भारतीय रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर पहुंच गया। यह गिरावट ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच चल रहे तनाव के कारण निवेशकों में बढ़ती घबराहट और विदेशी निवेशकों की निकासी के बीच आई है। रॉयटर्स के अनुसार, रुपया 91.2950 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले रिकॉर्ड 91.0750 को पार कर गया।   विश्लेषकों का कहना है कि पिछले साल रुपये में लगभग 5% की गिरावट आई थी, जबकि इस साल अब तक यह करीब 1.5% कमजोर हो चुका है। विदेशी निवेशक शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं और आयातक रुपये के और गिरने की आशंका के चलते अपनी डॉलर जरूरतों को पहले से सुरक्षित कर रहे हैं।   रुपया गिरने के कारण   ग्रीनलैंड विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने वैश्विक निवेशकों को असुरक्षित कर दिया। विदेशी पूंजी का आउटफ्लो: जनवरी में विदे...
शेयर मार्केट आज भी लहूलुहान, निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूबे
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शेयर मार्केट आज भी लहूलुहान, निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूबे

    नई दिल्ली: बुधवार को शेयर मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती बढ़त के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी तेजी से लुढ़क गए, जिससे निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बीएसई पर लिस्ट कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 449.76 लाख करोड़ रुपये रह गया।   सुबह 11 बजे सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा गिरकर 81,317.15 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 243 अंक की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआत के पहले डेढ़ घंटे में ही सेंसेक्स 1,056 अंक गिरकर 81,124.45 पर आ गया। मंगलवार को भी सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा लुढ़का था और निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूबे थे।   गिरावट के मुख्य कारण   ग्रीनलैंड विवाद और ट्रंप के बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड खरीदने और यूरोप के खिलाफ नए टैरिफ लगाने की धमकी से वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाएं बढ़ीं, जिससे एशियाई...
Gold-Silver Price Today, 21 जनवरी 2026: सोना ₹7,500 उछला, चांदी में ₹8,000 की तेजी
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Gold-Silver Price Today, 21 जनवरी 2026: सोना ₹7,500 उछला, चांदी में ₹8,000 की तेजी

  नई दिल्ली: आज सोने और चांदी की कीमतों में भारी तेजी देखी गई। सोना नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी भी अपने अब तक के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 4,800 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई।   एमसीएक्स पर भाव 5 फरवरी की डिलीवरी वाला सोना शुरुआती कारोबार में ₹7,500 से अधिक बढ़कर ₹1,58,250 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। पिछले सत्र में यह ₹1,50,565 पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी में शुरुआती कारोबार में ₹8,000 की तेजी दर्ज की गई। 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी इस समय ₹3,31,616 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।   क्यों आई तेजी? सोने की कीमतों में यह उछाल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की वैधता पर कोई फैसला टाल दिया गया। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव और यूरोपीय देशों ...
भर-भरकर भारत आ रहे रूसी तेल के टैंकर, अमेरिका के बैन के बाद रूस ने ढूंढ लिया नया रास्ता
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भर-भरकर भारत आ रहे रूसी तेल के टैंकर, अमेरिका के बैन के बाद रूस ने ढूंढ लिया नया रास्ता

  नई दिल्ली: पश्चिमी देशों के बैन के बावजूद भारत में रूसी तेल का आयात जारी है। हालांकि रूस ने तेल भेजने के तरीके में बदलाव किया है और कुछ भारतीय कंपनियों ने रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।   बैन के बाद नई व्यवस्था अमेरिका ने रूसी तेल कंपनियों पर बैन लगाया, जिससे भारत को आने वाले तेल की सप्लाई प्रभावित हुई। इसके बावजूद रूस ने छोटे-छोटे व्यापारियों के जरिए तेल भेजना शुरू कर दिया। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में रूस से आने वाले कुल तेल का लगभग 43% (करीब 0.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन) पांच नए व्यापारियों के जरिए आया है।   मुख्य जहाज और सप्लायर्स जनवरी के पहले 15 दिनों में भारत आने वाले तेल के जहाजों में रेडवुड ग्लोबल सप्लाई, विस्टुला डेल्टा, एथोस एनर्जी, अल्गफ मरीन और स्लावियांस्क ईसीओ शामिल हैं। इनमें से कुछ रूसी और कुछ UAE से जुड़े हुए हैं।  ...
बैंक लॉकर की चाबी खो गई? जानें क्या है सही प्रक्रिया और खर्च
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बैंक लॉकर की चाबी खो गई? जानें क्या है सही प्रक्रिया और खर्च

    नई दिल्ली: बैंक लॉकर की सुविधा आजकल आम हो गई है, लेकिन यदि आपकी लॉकर की चाबी खो जाए, तो यह समस्या बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। बैंक अधिकारी बताते हैं कि लॉकर की डुप्लीकेट चाबी बैंक के पास नहीं रहती, इसलिए इस स्थिति में सावधानी और सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी है।   बैंक का नियम क्या है? हर लॉकर के लिए दो अलग-अलग चाबियां होती हैं। एक मास्टर चाबी बैंक के पास रहती है और दूसरी ग्राहक को दी जाती है। लॉकर खोलने के लिए दोनों चाबियों की जरूरत होती है। अगर ग्राहक अपनी चाबी खो देता है तो तुरंत बैंक से संपर्क करना आवश्यक है। बैंक इस प्रक्रिया के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स और हस्ताक्षर मांगता है।   दूसरी चाबी कैसे मिलती है? सरकारी बैंक के अनुसार, लॉकर आमतौर पर गोदरेज जैसी कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं। यदि चाबी खो जाती है, तो लॉकर का नंबर और मॉडल कंपनी को भेजा जाता है। कंपन...