सरकार ने बदले स्टार्टअप के नियम, अब 200 करोड़ तक के टर्नओवर वाली कंपनियां भी कहलेंगी स्टार्टअप
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने स्टार्टअप्स की परिभाषा में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनियां जिनका टर्नओवर 200 करोड़ रुपये तक है, उन्हें भी स्टार्टअप माना जाएगा। पहले यह सीमा 100 करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए एक नई श्रेणी भी बनाई गई है, जो नई और रिसर्च-आधारित टेक्नोलॉजी पर काम करती हैं।
सरकार ने यह कदम भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने के लिए उठाया है। लंबे समय और बड़े निवेश की मांग वाले क्षेत्रों जैसे डीप टेक, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च-आधारित कंपनियों को अब ज्यादा समय और वित्तीय छूट मिलेगी। अब तक करीब दो लाख कंपनियों को स्टार्टअप के तौर पर मान्यता मिल चुकी है। इन कंपनियों को 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के तहत इनकम टैक्स में छूट जैसे कई फायदे मिलते हैं।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
कंपनियों को स्टार्टअप का दर्जा 10 साल की उम्र के बजाय अब 20 साल तक मिलेगा।
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