Wednesday, July 22

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सोना-चांदी-तांबा: 8 दिनों में बड़ी गिरावट, मुनाफावसूली और डॉलर मजबूती ने बदली कीमतों की दिशा
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सोना-चांदी-तांबा: 8 दिनों में बड़ी गिरावट, मुनाफावसूली और डॉलर मजबूती ने बदली कीमतों की दिशा

नई दिल्ली। पिछले आठ दिनों में सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एमसीएक्स पर 29 जनवरी को ये तीनों धातुएं अपने शिखर पर थीं, लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट का दौर जारी है। खासकर चांदी की कीमत में लगभग 46% और सोने में 22% से ज्यादा की गिरावट आई है। कॉपर भी इस दौरान करीब 16-18% कम हुआ है। सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों का हाल 29 जनवरी को एमसीएक्स पर धातुओं के भाव इस प्रकार थे— सोना: ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम चांदी: ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम कॉपर: ₹1,480 प्रति किलोग्राम इनकी कीमतों में जबरदस्त तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा। चांदी में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे ₹2–3 लाख तक पहुंचने में करीब एक महीना और ₹3 लाख से ₹4 लाख तक पहुंचने में केवल 10 दिन लगे। तीन दिन में गिरावट का जोर 29 जनवरी के बाद से तीन दिनों में सोन...
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: पशु चारा, जेनेरिक दवाएं, वाइन… अब अमेरिका से क्या खरीदेगा भारत और क्या बेचेगा?
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील: पशु चारा, जेनेरिक दवाएं, वाइन… अब अमेरिका से क्या खरीदेगा भारत और क्या बेचेगा?

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रही अंतरिम ट्रेड डील (Interim Trade Deal) पर अब अंतिम मुहर लग चुकी है। दोनों देशों ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार ढांचा (Interim Trade Framework) पेश किया, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य टैरिफ में कटौती, ऊर्जा सहयोग बढ़ाना और सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह समझौता आगे चलकर US-India Bilateral Trade Agreement (BTA) की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी बातचीत फरवरी 2025 से जारी थी। इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलित होने के साथ-साथ निवेश और निर्यात को भी गति मिलने की उम्मीद है। भारत की ओर से टैरिफ में कटौती का वादा इस अंतरिम समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाले कई उत्पादों पर शुल्क खत्म करने या कम करने का फैसला किया ...
बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन जरूरी कवरेज को न करें नजरअंदाज
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बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन जरूरी कवरेज को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती हैं। बुजुर्गों को नियमित जांच, दवाइयों, इलाज और कभी-कभी लंबी हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में उनके लिए एक ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनना बेहद जरूरी हो जाता है जो केवल अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित न हो, बल्कि इलाज से जुड़े हर जरूरी खर्च को कवर कर सके। बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कुछ अहम सुविधाओं और ऐड-ऑन कवरेज को जरूर शामिल करना चाहिए, ताकि इमरजेंसी में आर्थिक बोझ न बढ़े और इलाज बिना रुकावट जारी रह सके। बुजुर्गों की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैसी होनी चाहिए? बुजुर्गों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पॉलिसी कॉम्प्रिहेंसिव हो। यानी इसमें इलाज, जांच, दवाइयां और अन्य मेडिकल खर्चों की व्यापक सुरक्षा मिल सके।...
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लगी अंतिम मुहर, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का रास्ता खुला: पीयूष गोयल
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लगी अंतिम मुहर, 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का रास्ता खुला: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रही ट्रेड डील अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि इस समझौते के तहत अमेरिका से भारत में किन वस्तुओं का आयात होगा और भारतीय निर्यातकों को किस प्रकार के अवसर मिलेंगे। व्हाइट हाउस की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति बना ली है। इसे भारत के लिए आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंचेगा भारत केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹27 ला...
कोल्हापुर की बेटी बनीं लग्जरी ब्रांड Chanel की ग्लोबल CEO, जानिए कौन हैं लीना नायर और कितनी हैं दौलतमंद
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कोल्हापुर की बेटी बनीं लग्जरी ब्रांड Chanel की ग्लोबल CEO, जानिए कौन हैं लीना नायर और कितनी हैं दौलतमंद

नई दिल्ली। सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस भारतीय महिलाओं की पहचान रहा है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है लीना नायर की, जिन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से निकलकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी फैशन ब्रांड Chanel की कमान संभाली। आज लीना नायर न सिर्फ एक सफल बिजनेस लीडर हैं, बल्कि वह भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक बन चुकी हैं। लीना नायर वर्तमान में फ्रांस के मशहूर लग्जरी ब्रांड Chanel की ग्लोबल CEO हैं। उन्होंने दिसंबर 2021 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और इसके बाद से उनका नाम दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिला लीडर्स में गिना जाने लगा। कोल्हापुर में हुआ जन्म, परिवार ने शिक्षा को बनाया ताकत लीना नायर का जन्म 11 जून 1969 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक हिंदू मलयाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा आधार मानते थे। इसी कारण लीना को...
सोने की चमक से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, FCA घटने के बावजूद Forex रिजर्व ऑल टाइम हाई
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सोने की चमक से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, FCA घटने के बावजूद Forex रिजर्व ऑल टाइम हाई

मुंबई। नए साल की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी का सीधा फायदा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मिला है। भले ही बीते सप्ताह देश के फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन सोने के बढ़ते मूल्य ने इस कमी की भरपाई कर दी और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 14.361 अरब डॉलर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 723.774 अरब डॉलर हो गया है। एक ही सप्ताह में टूट गया पुराना रिकॉर्ड गौरतलब है कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 709.413 अरब डॉलर के रिकॉ...
India-US Trade Deal: क्या अमेरिका के साथ डील भारत के हर मर्ज की दवा? कौन-सी समस्याएं सुलझेंगी और क्या अब भी रहेगा अधूरा
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India-US Trade Deal: क्या अमेरिका के साथ डील भारत के हर मर्ज की दवा? कौन-सी समस्याएं सुलझेंगी और क्या अब भी रहेगा अधूरा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जिस ट्रेड डील का इंतजार किया जा रहा था, आखिरकार उसका ऐलान हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा कर दी। माना जा रहा है कि यह डील भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुई ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से भी बड़ी साबित हो सकती है। इस घोषणा का असर भारतीय बाजारों में तुरंत देखने को मिला। लंबे समय से सीमित दायरे में कारोबार कर रहे शेयर बाजारों ने तेजी दिखाई और निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बन गया। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह डील वाकई भारत की हर समस्या का समाधान बन पाएगी, या फिर कई चुनौतियां अभी भी बनी रहेंगी? टैरिफ घटने से भारत को सबसे बड़ी राहत भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत आपसी टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे भारत की सबसे बड़ी तात्कालिक समस्या यानी अनिश्चितता काफी हद...
RBI Monetary Policy 2026: रेपो रेट में बदलाव क्यों नहीं हुआ? अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कनेक्शन समझिए
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RBI Monetary Policy 2026: रेपो रेट में बदलाव क्यों नहीं हुआ? अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कनेक्शन समझिए

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की समीक्षा करते हुए बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय बैंक ने इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 5.25 फीसदी पर स्थिर बनाए रखा। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना मॉनेटरी स्टांस भी ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारत ने हाल ही में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ अहम व्यापार समझौते किए हैं। खासतौर पर अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद टैरिफ दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आर्थिक माहौल सकारात्मक दिख रहा है, तो RBI ने ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी क्यों नहीं की? अमेरिका-भारत डील से कम हुआ टैरिफ दबाव इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका के बीच एक अहम समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत भारतीय सामान...
NSE IPO पर बड़ा अपडेट: बोर्ड ने दी मंजूरी, अब सिर्फ OFS के जरिए आएगा इश्यू, जानिए पूरी डिटेल
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NSE IPO पर बड़ा अपडेट: बोर्ड ने दी मंजूरी, अब सिर्फ OFS के जरिए आएगा इश्यू, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आईपीओ (IPO) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि एनएसई के बोर्ड ने शुक्रवार को आईपीओ लाने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इससे एनएसई के शेयर बाजार में लिस्ट होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। यह मंजूरी ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एनएसई को आईपीओ के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया था। सिर्फ OFS होगा, नया इश्यू नहीं एनएसई के प्रस्तावित आईपीओ में सबसे अहम बात यह है कि इसमें केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। यानी इस आईपीओ के जरिए कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे। इसका अर्थ यह भी है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि यह शेयर ...
चांदी धड़ाम: दो दिन में ₹43,300 की भारी गिरावट, सोना भी टूटा, जानिए अब क्या हैं ताजा भाव
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चांदी धड़ाम: दो दिन में ₹43,300 की भारी गिरावट, सोना भी टूटा, जानिए अब क्या हैं ताजा भाव

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में शुक्रवार को कीमती धातुओं के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन निवेशकों की मुनाफावसूली के दबाव में चांदी और सोना दोनों बुरी तरह टूट गए। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो दो दिनों में हजारों रुपये लुढ़क गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, शुक्रवार को चांदी में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव में एक ही दिन में 13,000 रुपये की भारी टूट आई। चांदी में भारी गिरावट, 2.55 लाख पर पहुंची कीमत सराफा बाजार में शुक्रवार को चांदी 13,000 रुपये (4.85%) टूटकर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर बंद हुई।गौरतलब है कि गुरुवार को भी चांदी में 30,300 रुपये की बड़ी गिरावट आई थी और यह 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह, महज दो कारोबारी सत्रों में चांदी कुल ₹43,300 प्...